शुभेंदु ने ममता पर ‘‘इस्लामिक कट्टरपंथियों के प्रति नरम रुख’’ अपनाने का आरोप लगाया
सिम्मी दिलीप
- 01 Dec 2025, 06:51 PM
- Updated: 06:51 PM
कोलकाता, एक दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ‘‘इस्लामिक कट्टरपंथियों के प्रति नरम रुख’’ अपनाने का सोमवार को आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि वह दोबारा सत्ता में आती हैं, तो जमात जैसी ‘‘राष्ट्रविरोधी ताकतों’’ को खुली छूट मिल जाएगी।
अधिकारी ने कहा कि बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस को 2026 के विधानसभा चुनाव में न केवल खेजुरी, नंदीग्राम और पूर्व मेदिनीपुर जिले में, बल्कि अधिकतर निर्वाचन क्षेत्रों में ‘‘करारी हार’’ का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए विभाजनकारी एजेंडे पर काम कर रही हैं। उनकी सरकार में सीमावर्ती जिलों में जिहादी ताकतों को बिना रोक-टोक के काम करने का मौका मिला और अब ये ताकतें अन्य हिस्सों में भी अपनी जड़ें जमा रही हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि हिंदू और अन्य समुदायों के नागरिक ‘‘गंभीर संकट’’ झेल रहे हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सीमा पार से जमात से जुड़े तत्वों की घुसपैठ पर कथित तौर पर आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल भाजपा जैसी मजबूत राष्ट्रवादी सरकार ही इस चुनौती को रोक सकती है।’’
अधिकारी ने तृणमूल पर युवा पीढ़ी को निराश करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘हाल में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा भी विवादों से घिर गई है, क्योंकि शिक्षित युवा स्नातकों को अपने नाम साक्षात्कार सूची में नहीं मिल रहे और जब वे न्याय की मांग लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो ममता की पुलिस उनसे मारपीट करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनकी सरकार एक भी भर्ती परीक्षा विवाद के बिना नहीं करा पाती। वह राज्य को उसी तरह चला रही हैं, जैसे वह अपनी तृणमूल कांग्रेस को एक निजी लिमिटेड कंपनी की तरह चलाती हैं। अब वक्त आ गया है कि जनता शांतिपूर्ण तरीके से जनादेश के जरिए उन्हें सत्ता से बाहर करे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपने 2011 के चुनाव में वाम मोर्चे की निरंकुश सरकार को सत्ता से हटाया था। तृणमूल कांग्रेस अब उससे भी ज्यादा खराब साबित हो रही है। बंगाल में सही सोच रखने वाला हर नागरिक ममता सरकार को विदाई देने को तैयार है।’’
अधिकारी ने दिन में हजारों भाजपा समर्थकों के साथ ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली और तृणमूल सरकार की विदाई की उलटी गिनती शुरू करने तथा ‘‘सुशासन, रोजगार, विकास एवं सभी समुदायों के लिए शून्य तुष्टीकरण नीति की बहाली’’ का संकल्प लिया।
भाषा सिम्मी