तिरुवनंतपुरम को 2036 ओलंपिक खेल स्थल बनाने के भाजपा के वादे पर राजनीतिक विवाद
शोभना नरेश
- 01 Dec 2025, 05:18 PM
- Updated: 05:18 PM
तिरुवनंतपुरम, एक दिसंबर (भाषा) स्थानीय निकाय चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से जारी घोषणापत्र में केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम को 2036 ओलंपिक का सह-आयोजक शहर बनाने के वादे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के नेताओं ने सोमवार को इस दावे को झूठा और मनगढ़ंत करार दिया।
तिरुवनंतपुरम निगम चुनावों के अपने घोषणापत्र में भाजपा ने कहा है कि वह केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी कि 2036 ओलंपिक खेलों के लिए तिरुवनंतपुरम को एक स्थल के रूप में शामिल किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने अभी तक दुनिया के इस सबसे बड़े खेल आयोजन के 2036 संस्करण के मेजबान की घोषणा नहीं की है।
हालांकि ऐसी खबरें हैं कि भारत इन खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए बोली लगा रहा है और अहमदाबाद को मुख्य मेजबान शहर प्रस्तावित किया जा सकता है।
केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भाजपा पर तिरुवनंतपुरम के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब केंद्र सरकार ने ओलंपिक की बोली गुजरात के लिए लगाई है, तो भाजपा यह दावा कैसे कर सकती है कि तिरुवनंतपुरम स्थल होगा?’’
उन्होंने कहा कि बोली प्रक्रिया के हिस्से के रूप में भाजपा अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की योजना भी बना रही है।
उन्होंने कहा कि क्या भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम के लोगों को ‘मूर्ख’ समझते हैं।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने भी भाजपा के चुनाव घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि हार के भय से पार्टी ‘झूठे वादे’ करने लगी है।
राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी अभी तय ही नहीं हुई है, लेकिन भाजपा दावा कर रही है कि यह आयोजन तिरुवनंतपुरम में होगा।
आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि अन्य राजनीतिक दल इस प्रस्ताव को बाद में समझ पाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि यह कैसे होगा। हमें शासन करने का अवसर मिल जाए फिर हम उन्हें सिखाएंगे।’’
राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 दिसंबर को आयोजित किए जाएंगे।
भाषा शोभना