बीएलओ को मतदाताओं के हित में काम करना चाहिए: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी
आशीष सुभाष
- 23 Nov 2025, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
कोलकाता, 23 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने का आग्रह किया, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक भी अपात्र मतदाता का नाम मसौदा सूची में शामिल न हो।
पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने कुछ बीएलओ का जिक्र किया जो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रति कथित रूप से निष्ठा दिखा रहे हैं और एक राजनीतिक पार्टी के पक्ष में काम करने का प्रयास कर रहे हैं।
शुभेंदु ने यह भी कहा कि अधिकांश बीएलओ एसआईआर को समय-सीमा पर पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल "काम करने में उनकी (बीएलओ) अनिच्छा के बारे में झूठ फैलाकर" डराने का प्रयास कर रही है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, "राज्य का एक भी वास्तविक नागरिक एसआईआर के बारे में आशंकित नहीं हैं, ना ही उन्हें डर है कि कहीं उन्हें निरूद्ध केंद्र में न भेज दिया जाए, क्योंकि वे ममता बनर्जी और उनके लोगों की झूठी कहानी को समझ गए हैं।"
शुभेंदु अधिकारी ने दोहराया कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो जाने पर लगभग एक करोड़ घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी, "घुसपैठिए बांग्लादेशी, रोहिंग्या, तुरंत देश से भाग जाएं, इससे पहले कि हमें आपमें से हर एक का पता लगाना पड़े और आपको निर्वासित करना पड़े।"
भाजपा नेता ने कहा कि सभी समुदायों के भारतीय नागरिकों को एसआईआर प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल बांग्लादेशी मुसलमानों और म्यांमा से आए रोहिंग्याओं को ही वापस भेजा जाएगा, जबकि "बांग्लादेश या पाकिस्तान में उत्पीड़न का सामना कर रहे हिंदुओं को नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी।"
अधिकारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल आईटी सेल प्रभारी और प्रवक्ता देबांग्शु भट्टाचार्य ने कहा, "शुभेंदु अधिकारी एक करोड़ मतदाता सिंड्रोम से ग्रस्त हैं। वह रैलियों में यह आंकड़ा क्यों दोहराते रहते हैं? या फिर उन्हें एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्वाचन आयोग से कोई गुप्त जानकारी मिल गई है? क्या भाजपा के हित में कोई पूर्व-निर्धारित लक्ष्य है?"
भाषा आशीष