मणिपुर में स्वयंभू सेना प्रमुख सहित यूएनएलएफ (पी) के दो सदस्य गिरफ्तार: अधिकारी
प्रीति सुरेश
- 13 Mar 2024, 07:02 PM
- Updated: 07:02 PM
इम्फाल, 13 मार्च (भाषा) मणिपुर में पुलिस, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक संयुक्त अभियान में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पी) (यूएनएलएफ-पी) के दो अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन के स्वयंभू सेना प्रमुख थोकचोम थोइबा और यूएनएलएफ (पी) से जुड़े लेफ्टिनेंट कर्नल लाइमायुम इंगबा को संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
थोइबा और इंगबा को गिरफ्तार करने के तुरंत बाद विमान से दिल्ली ले जाया गया, जहां एनआईए के अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे।
थोइबा ने पिछले साल नवंबर में केंद्र के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये थे, जिसके बाद से वह यूएनएलएफ (पी) का हिस्सा नहीं था।
के. पाम्बेई के नेतृत्व वाले यूएनएलएफ (पी) ने 29 नवंबर, 2023 को इम्फाल घाटी में सरकार के साथ युद्धविराम समझौता और हिंसा छोड़ने पर सहमति जताई थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने मणिपुर में यूएनएलएफ द्वारा की जा रही बढ़ती हिंसा पर सवाल उठाए थे।
सरकार से समझौता होने के बाद भी संगठन ने न तो अपने कैडर की संख्या के बारे में कोई जानकारी साझा की और न ही हथियार सौंपे।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली थी कि समूह के सदस्य आदिवासी समुदाय को निशाना बनाने के उद्देश्य से मुख्य रूप से कुकी आबादी वाले क्षेत्रों के बाहरी इलाके में शिविर स्थापित कर रहे हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि यूएनएलएफ (पी) कैडर सुरक्षा बलों और आम जनता दोनों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
उन्होंने 13 फरवरी को पूर्व मणिपुर के चिंगारेल में पांचवीं भारत रिजर्व बटालियन (आईआरबी) से हथियार और गोला-बारूद लूटे थे।
इस घटना के बाद, पुलिस ने यूएनएलएफ के दो कैडर सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब ये मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित किया जा सकता है।
यूएनएलएफ (पी) कैडर को मोइरंगपुरेल, तुमुहोंग और इथम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देखा गया था, जिससे यह पता चला कि उन्होंने हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मोइरंगपुरेल और इथम में शिविर स्थापित किए हैं।
यूएनएलएफ (पी) और सुरक्षा बलों के बीच शत्रुता को समाप्त करने के उद्देश्य से संघर्ष विराम समझौते के बावजूद, हाल की घटनाओं से पता चलता है कि यूएनएलएफ (पी) कैडर अपने स्वचालित हथियारों के साथ स्वतंत्र रूप से आ-जा रहे हैं।
मणिपुर में मेइती और कुकी के बीच पिछले साल मई से अब तक जारी संघर्ष में 219 लोगों की मौत हुई है।
यूएनएलएफ की स्थापना 1964 में की गई थी। यह भारतीय क्षेत्र के भीतर और बाहर दोनों जगह सक्रिय रहा है। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने क्षेत्र में उग्रवाद को खत्म करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर में कई सशस्त्र समूहों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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