आंध्र प्रदेश सरकार अमरावती के किसानों के मुद्दों को छह महीने के भीतर सुलझा लेगी : मंत्री नारायण
राखी दिलीप
- 22 Nov 2025, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
अमरावती, 22 नवंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण ने शनिवार को कहा कि अमरावती की ग्रीनफील्ड राजधानी परियोजना के लिए अपनी भूमि देने वाले किसानों से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान छह माह के भीतर कर दिया जाएगा।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार प्रत्येक किसान के लिये न्याय सुनिश्चित करेगी और बताया कि उन्हें आवंटित वापसी योग्य भूखंडों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
नारायण ने यहां किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की दूसरी बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "अमरावती में किसानों से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान छह माह में कर दिया जाएगा। ग्रीनफील्ड राजधानी परियोजना में शामिल सभी किसानों के साथ न्याय किया जाएगा।”
नारायण के अनुसार, अब तक 719 किसानों को ही उनके वापसी योग्य भूखंड प्राप्त होने बाकी हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे “स्वार्थी तत्वों की बातों पर ध्यान न दें।”
अब तक मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अमरावती परियोजना के लिए आंध्र प्रदेश में 54,000 एकड़ भूमि एकत्रित की गई है, जिसमें से 29 गांवों के 29,881 किसानों द्वारा 34,281 एकड़ भूमि दी गई है। इन किसानों में अधिकांश दलित हैं।
किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की बैठक अमरावती स्थित नगर प्रशासन विभाग के मुख्य कार्यालय में हुई।
बैठक में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पी. चंद्र शेखर, नारायण, ताडिकोंडा विधायक श्रवण कुमार, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) के आयुक्त के. कन्नाबाबू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समिति ने 10 नवंबर को हुई पहली बैठक के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की और अतिरिक्त मुद्दों पर चर्चा की।
चंद्रशेखर ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पैनल प्रत्येक पखवाड़े बैठक करेगा और बताया कि कुछ समस्याएं पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की नीतियों के कारण उत्पन्न हुई थीं।
उन्होंने कहा, “पिछली सरकार के कुछ निर्णयों के चलते कुछ समस्याएं आई थीं, जिन्हें एक-एक कर दूर किया जा रहा है। किसानों के लगभग 700 एकड़ भूमि से जुड़े कुछ मुद्दे लंबित हैं। अब तक 98 प्रतिशत भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आवंटित भूमि के पंजीकरण पर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडलीय उपसमिति द्वारा लिया जाएगा और यह प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
चंद्रशेखर ने आश्वासन दिया कि जनवरी 2026 से अमरावती क्षेत्र के 25 गांवों में सड़क, जल निकासी, 'स्ट्रीट लाइट' और अन्य आधारभूत संरचना कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
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