जम्मू-कश्मीर : अस्पतालों में चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों के लॉकरों की जांच की गई
राखी पवनेश
- 20 Nov 2025, 10:43 PM
- Updated: 10:43 PM
श्रीनगर, 20 नवंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और अनंतनाग जिले में अधिकारियों ने एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों के लॉकरों की जांच की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शुरू किया गया यह अभियान हाल ही में दिल्ली में हुए विस्फोट और 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल में हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी के बाद चाक-चौबंद सुरक्षा उपायों के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और अस्पताल के बुनियादी ढांचे के उचित उपयोग को सुनिश्चित करना भी है।
श्रीनगर में, स्वास्थ्य संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा शहर में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, श्रीनगर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्राथमिक उपचार केंद्र (पीएचसी) और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले लॉकरों की जांच की।
उन्होंने कहा कि ये निरीक्षण चिकित्सकों और कर्मचारियों के लॉकरों में अवैध या खतरनाक वस्तुओं के अनधिकृत भंडारण को रोकने और चिकित्सा संस्थानों में आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि सभी रैक और लॉकरों की गहन जांच की गई तथा कर्मचारियों को उचित रिकॉर्ड बनाए रखने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि लॉकरों का उपयोग केवल आधिकारिक उद्देश्यों के लिए ही किया जाए।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने दोहराया कि अस्पतालों में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी के तहत इस तरह के निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में शुरू किया गया था, जहां इस महीने की शुरुआत में डॉ. अदील राथर के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद की गई थी।
डॉ. अदील राथर की गिरफ्तारी से 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ, जिसमें कई चिकित्सक शामिल थे और करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ।
उन्होंने कहा कि अनंतनाग पुलिस ने अस्पताल प्रशासन के साथ मिलकर जीएमसी अस्पताल के लॉकरों की पूरी जांच की।
जांच के दौरान, बिना दावे वाले लॉकरों की पहचान की गई और अस्पताल प्रशासन को लॉकरों के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए रिकॉर्ड अपडेट करने का निर्देश दिया गया।
भाषा राखी