द्वितीय विश्व युद्ध में रूस की जीत का जश्न पुतिन के शासन का प्रमुख स्तंभ
सिम्मी रंजन
- 09 May 2024, 04:04 PM
- Updated: 04:04 PM
मॉस्को, नौ मई (भाषा) रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार का जश्न मनाने के लिए बृहस्पतिवार को ‘विजय दिवस’ मनाया।
सोवियत संघ को 1945 में नाजी जर्मनी के खिलाफ मिली जीत का जश्न रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पिछले करीब एक चौथाई सदी के शासन का अहम हिस्सा रहा है। पुतिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रपति के रूप में पांचवां कार्यकाल शुरू किया।
रूस में पुतिन के नेतृत्व में ‘विजय दिवस’ पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस युद्ध में सोवियत संघ के करीब दो करोड़ 70 लाख लोग मारे गए थे।
पुतिन ने ‘रेड स्क्वायर’ परेड के दौरान अपने भाषण में कहा, ‘‘विजय दिवस सभी पीढ़ियों को एकजुट करता है। हम अपनी सदियों पुरानी परंपराओं पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और हमें विश्वास है कि हम रूस का स्वतंत्र और सुरक्षित भविष्य मिलकर सुनिश्चित करेंगे।’’
उन्होंने यूक्रेन में लड़ रहे रूसी बलों के साहस की प्रशंसा की और पश्चिम की आलोचना करते हुए उस पर ‘‘क्षेत्रीय संघर्षों, अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक संघर्ष को बढ़ावा देना और वैश्विक विकास के संप्रभु और स्वतंत्र केंद्रों को नियंत्रित करने का प्रयास करने’’ का आरोप लगाया।
पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध के कारण रूस और पश्चिम देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच कहा, ‘‘रूस वैश्विक टकराव को रोकने के लिए सब कुछ करेगा, लेकिन किसी को हमें डराने की अनुमति नहीं देगा और हमारी सामरिक ताकतें युद्ध के लिए तैयार हैं।’’
नाजी सैनिकों ने जब जून 1941 में हमला किया तो उन्होंने पश्चिमी सोवियत संघ के अधिकतर हिस्से में भारी तबाही मचायी थी। उसके बाद उन्हें बर्लिन तक खदेड़ा गया जहां बुरी तरह बर्बाद हो चुकी राजधानी पर सोवियत संघ का हंसिया और दरांती चिह्न वाला ध्वज फहराया गया।
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस एवं अन्य सहयोगी देशों ने आठ मई को यूरोप में युद्ध की समाप्ति की घोषणा की थी।
पुतिन ने 24 फरवरी, 2022 में जब यूक्रेन पर अपनी सेनाओं को भेजा था तो उन्होंने अपने कदमों को सही ठहराने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध का जिक्र किया था। पुतिन ने कहा था कि मास्को का मुख्य मकसद यूक्रेन की ‘नाजीकरण’ से मुक्ति सुनिश्चित करना है ।
वर्ष 1999 में सत्ता में आने के बाद से पुतिन ने नौ मई को अपने राजनीतिक एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया है और इस दौरान वह देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। इस अवसर पर कई लोग काले और नारंगी सेंट जॉर्ज रिबन पहनते हैं जो पारंपरिक रूप से विजय दिवस से जुड़ा है।
विजय दिवस पर बृहस्पतिवार को आयोजित परेड में यूक्रेन में लड़े करीब 1,000 बलों समेत लगीाग 9,000 बलों ने हिस्सा लिया।
पुतिन (71) अक्सर अपने पारिवारिक इतिहास के बारे में बात करते हैं और अपने पिता की यादें साझा करते हैं जो युद्ध में लड़ते समय बुरी तरह घायल हो गए थे।
कई सालों तक पुतिन विजय दिवस समारोह पर अपने पिता की फोटो लेकर जाते रहे ।
विजय दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम पहले कोरोना वायरस महामारी के कारण और फिर यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद सुरक्षा चिंताओं के कारण आयोजित नहीं हो पाए थे।
एपी
सिम्मी