रूपाला ने क्षत्रिय समाज पर की गई टिप्पणी को लेकर एक बार फिर मांगी माफी
आशीष राजकुमार
- 08 May 2024, 07:31 PM
- Updated: 07:31 PM
(फाइल फोटो के साथ)
राजकोट (गुजरात), आठ मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री और राजकोट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार परषोत्तम रूपाला ने पूर्ववर्ती राजपूत शासकों पर अपनी अपमानजनक टिप्पणी के लिए बुधवार को क्षत्रिय समुदाय से माफी मांगी।
इस मामले में वह इससे पहले भी समुदाय से माफी मांग चुके हैं। रूपाला ने इस विवाद को अपने सार्वजनिक जीवन का सबसे कठिन समय बताया। आज की उनकी यह माफी गुजरात में लोकसभा चुनाव संपन्न होने के एक दिन बाद आई है।
रूपाला ने कहा कि वह अपनी टिप्पणी के कारण अपने सार्वजनिक जीवन के सबसे कठिन समय से गुजरे हैं। उन्होंने क्षत्रियों से उदारता दिखाने और उन्हें माफ करने का आग्रह किया।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह मेरी गलती थी और जो कुछ भी हुआ उसके लिए मैं पूरी तरह से जिम्मेदार था, लेकिन मेरी पूरी पार्टी इस विवाद में फंस गई। यह मेरे लिए बहुत दुखद है क्योंकि पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मेरी वजह से परेशानी हुई।’’
राज्य की 26 सीट में से राजकोट सहित 25 सीटों पर सात मई को मतदान हुआ था। सूरत में भाजपा उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध जीत चुके हैं।
राजपूतों ने भाजपा से राजकोट में रूपाला को उम्मीदवार के रूप में हटाने की मांग की थी।
रूपाला ने राजकोट में संवाददाताओं से कहा, ‘‘चूंकि मैंने मतदान से पहले माफी मांगी थी, इसलिए लोगों ने सोचा होगा कि चुनाव के कारण मैंने ऐसा किया। मैं एक बार फिर संपूर्ण क्षत्रिय समाज से माफी मांग रहा हूं। मैं समुदाय और उसकी महिलाओं से ‘क्षमा वीरस्य भूषणम’ (क्षमा करना बहादुरों का गुण है) को अपनाने का आग्रह करता हूं। मेरी अपील राजनीति से प्रेरित नहीं है।’’
रूपाला ने कहा कि उनकी एक टिप्पणी ने पार्टी को परेशानी में डाल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे स्वीकार करता हूं और इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। मैं भी इंसान हूं। गलती इंसान से होती है। मैंने अपने शब्दों के लिए तुरंत माफी मांग ली थी, वह भी तब जब राजपूतों ने अपना विरोध भी शुरू नहीं किया था। बाद में, मैंने समुदाय के सामने माफी मांगी।’’
रूपाला से पहले भाजपा के मोहन कुंडरिया राजकोट सीट से लगातार दो बार निर्वाचित हुए थे। अस्सी के दशक से भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली पाटीदार बहुल इस सीट पर पूर्व विधायक परेश धनाणी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
रूपाला ने यह दावा करके राजपूतों को नाराज कर दिया था कि तत्कालीन महाराजाओं ने विदेशी शासकों के साथ-साथ अंग्रेजों के उत्पीड़न के सामने घुटने टेक दिए थे। उन्होंने कहा था कि इन महाराजाओं ने इन शासकों के साथ रोटी बेटी का संबंध बनाया।
चूंकि गुजरात में अधिकतर पूर्ववर्ती शासक राजपूत थे, इसलिए समुदाय ने इस टिप्पणी को अपने अपमान के रूप में देखा और बार-बार भाजपा से रूपाला को चुनावी मैदान से हटाने के लिए कहा। राजपूत समुदाय ने चेताया था कि अगर भाजपा रूपाला को चुनावी मुकाबले से नहीं हटाती है तो वे इस चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ मतदान करेंगे।
जब भाजपा ने रूपाला को राजकोट से अपने उम्मीदवार के रूप में नहीं हटाया, तो राजपूत समन्वय समिति के बैनर तले समुदाय के नेताओं ने राजकोट और जामनगर सहित कम से कम 10 सीट पर पार्टी के उम्मीदवारों को हराने का आह्वान किया। चुनाव से दो दिन पहले गुजरात में भाजपा से जुड़े क्षत्रिय नेताओं ने भी समुदाय से रूपाला को माफ करने और देशहित में भाजपा को वोट देने की अपील की थी।
भाषा
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