‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के जश्न में शामिल हुए खांडू, इसे ‘पवित्र स्तुति गीत’ बताया
सुरभि संतोष
- 07 Nov 2025, 02:19 PM
- Updated: 02:19 PM
ईटानगर, सात नवंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रव्यापी समारोह में बड़ी संख्या में आए लोगों के साथ शामिल हुए और कहा कि इस समारोह का हिस्सा बनकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने इसे एक ‘पवित्र स्तुति गीत’ बताया जिसने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के दिलों को झकझोरा। मुख्यमंत्री सीमावर्ती जिले तवांग में आयोजित समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर वंदे मातरम् की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, देशभक्तिपूर्ण प्रदर्शन और उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत से शक्ति प्राप्त की।
खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तवांग में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रव्यापी समारोह का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है बल्कि एक पवित्र स्तुति गीत है जिसने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के दिलों को झकझोर दिया, यह हमारी मातृभूमि के प्रति समर्पण का एक शाश्वत आह्वान है और एक भावपूर्ण प्रार्थना है जो हर पीढ़ी में भारत के प्रति प्रेम जगाती रहती है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक ऐसा गीत बन गया जिसने प्रत्येक भारतीय के हृदय में देशभक्ति की अलख जगाई।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम इस गीत के 150 गौरवशाली वर्ष का जश्न मना रहे हैं, हम उन कालातीत शब्दों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने एक राष्ट्र को एकजुट किया और जो आगामी पीढ़ियों को मां भारती से प्रेम करने एवं उनकी सेवा करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।’’
उन्होंने गीत में निहित एकता और बलिदान के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नयी दिल्ली से ‘राष्ट्रव्यापी वंदे मातरम् ऐट 150’ समारोह का औपचारिक आरंभ किया और इसे ‘‘प्रत्येक भारतीय के लिए सामूहिक गौरव का क्षण’’ बताया।
राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव कार्यक्रम में संगीतमय श्रद्धांजलि, स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं जो युगों से इस गीत के ऐतिहासिक महत्व और प्रभाव को उजागर करते हैं।
भाषा सुरभि