एस्ट्राजेनेका ने कोविड-19 टीके वापस मंगाए, उपलब्ध टीकों की अधिक संख्या को बताया वजह
नोमान पवनेश
- 08 May 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) ब्रिटेन की प्रमुख औषधि निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका ने दुनियाभर से अपने कोविड-19 रोधी टीके वापस मंगाने शुरू कर दिए हैं।
एस्ट्राजेनेका ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के साथ मिलकर भारत को कोविशील्ड टीकों की आपूर्ति की थी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि महामारी के बाद से उपलब्ध टीकों की अधिक संख्या को देखते हुए इन्हें वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कंपनी ने कुछ दिन पहले यह स्वीकार किया था कि उसके टीकों के कारण खून के थक्के जमने और प्लेटलेट कम होने के मामले सामने आए हैं।
एसआईआई ने कहा कि उसने दिसंबर 2021 से कोविशील्ड की अतिरिक्त खुराक का निर्माण और आपूर्ति बंद कर दी है। एसआईआई ने दोहराया उसने 2021 में पैकेजिंग में खून के थक्के जमने के साथ- साथ प्लेटलेट कम होने सहित सभी दुर्लभ से बहुत दुर्लभ दुष्प्रभावों की जानकारी दी थी।
एस्ट्राजेनेका ने कोविड-19 टीके विकसित करने के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की थी। इन टीकों को भारत में कोविशील्ड और यूरोप में ‘वैक्सजेवरिया’ के नाम से बेचा गया था।
यूरोपीय संघ (ईयू) की औषधि नियामक यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने मंगलवार को एक नोटिस जारी कर पुष्टि की कि मार्च में एस्ट्राजेनेका द्वारा मंजूरी वापस लेने के बाद वैक्सजेवरिया अब ईयू के 27 सदस्य देशों में इस्तेमाल के लिए अधिकृत नहीं है।
एस्ट्राजेनेका के बयान में कहा गया कि इसी तरह वह वैक्सजेवरिया के लिए विपणन मंजूरी वापस लेने के लिए दुनिया भर के नियामक अधिकारियों के साथ काम करेगी।
बयान में कहा गया है, "इसलिए एस्ट्राजेनेका ने यूरोप में वैक्सजेवरिया के लिए विपणन मंजूरी को वापस लेने का निर्णय लिया है। अब हम इस अध्याय को समाप्त करने और कोविड-19 महामारी में महत्वपूर्ण योगदान के लिए एक स्पष्ट मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर नियामकों और हमारे भागीदारों के साथ काम करेंगे।”
बयान में कहा गया है, “चूंकि कई प्रकार के कोविड -19 टीके विकसित हो चुके हैं, इसलिए उपलब्ध टीकों की संख्या अधिक है। इससे ‘वैक्सजेवरिया’ की मांग में गिरावट आई है, जिसका उत्पादन या आपूर्ति अब नहीं की जा रही है।”
इससे पहले, वैश्विक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया था कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन के बहुत ही दुर्लभ दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कंपनी ने दुष्प्रभावों का जिक्र किए बिना कहा था, "वैश्विक महामारी को समाप्त करने में वैक्सजेवरिया ने जो भूमिका निभाई, उस पर हमें अविश्वसनीय रूप से गर्व है। स्वतंत्र अनुमान के अनुसार टीकों का इस्तेमाल शुरू होने के बाद के पहले वर्ष में 65 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई गई और दुनियाभर में तीन अरब से अधिक खुराकों की आपूर्ति की गई।”
कंपनी ने कहा, “हमारे प्रयासों को दुनिया भर की सरकारों ने मान्यता दी है और इन्हें व्यापक रूप से वैश्विक महामारी को समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है।”
वहीं, एसआईआई एक एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “ भारत में 2021 और 2022 में उच्च टीकाकरण दर हासिल करने के साथ-साथ वायरस के नए प्रकार के सामने के बाद पिछले टीकों की मांग काफी कम हो गई है।”
उन्होंने कहा, “ दिसंबर 2021 से हमने कोविशील्ड की अतिरिक्त खुराक का निर्माण और आपूर्ति बंद कर दी है।”
प्रवक्ता ने कहा, “ हम मौजूदा चिंताओं को पूरी तरह से समझते हैं और पारदर्शिता और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर जोर देना चाहते है। शुरुआत में ही, हमने 2021 में पैकेजिंग में खून के थक्के जमने के साथ- साथ प्लेटलेट कम होने सहित सभी दुर्लभ से बहुत दुर्लभ दुष्प्रभावों की जानकारी दी थी। ”
उन्होंने कहा, “ भले ही एस्ट्राजेनेका की वैक्सजेवरिया हो या हमारी अपनी कोविशील्ड, दोनों टीके दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाने में सहायक रहे हैं।”
भारत में, कोविड-19 टीकों की 220 करोड़ से अधिक खुराकें दी गई हैं और उनमें से अधिकांश कोविशील्ड थीं।
भाषा नोमान