लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के लिए पंजाब,हिमाचल में नामांकन प्रक्रिया शुरू
सुभाष माधव
- 07 May 2024, 09:55 PM
- Updated: 09:55 PM
चंडीगढ़/शिमला, सात मई (भाषा) पंजाब में लोकसभा की 13 सीट और हिमाचल प्रदेश (हिप्र) के चार संसदीय क्षेत्रों में चुनाव के साथ-साथ हिप्र विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई।
लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के तहत इन संसदीय क्षेत्रों में मतदान होने के साथ-साथ हिमाचल विधानसभा की छह सीट पर उपचुनाव भी होंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया सार्वजनिक अवकाश वाले दिन 11 और 12 मई को छोड़कर 14 मई तक जारी रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 15 मई को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 17 मई है।
चुनाव विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को हिमाचल में दो निर्दलीय सहित चार उम्मीदवारों ने संसदीय चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
उन्होंने बताया कि रमेश चंद सारथी (50) ने हमीरपुर लोकसभा सीट के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया, जबकि बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार (31) ने शिमला सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल जनता पार्टी के महेश कुमार सैनी (45) और निर्दलीय उम्मीदवार आशुतोष महंत (38) ने मंडी संसदीय सीट से अपना नामांकन दाखिल किया।
पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सिबिन सी ने कहा कि पहले दिन 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए चार मई अंतिम तारीख थी।
सीईओ कार्यालय द्वारा छह मई को जारी मतदाता सूची के अनुसार, पंजाब में कुल मतदाताओं की संख्या 2,14,21,555 है, जिनमें 1,12,67,019 पुरुष और 1,01,53,767 महिलाएं हैं।
सीईओ ने कहा कि 5,28,864 लोग नये मतदाता हैं।
कांग्रेस के छह बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद, सुजानपुर, धर्मशाला, लाहौल और स्पीति, बड़सर, गगरेट और कुटलेहड़--छह विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी। इन विधानसभा सीट पर उपचुनाव एक जून को लोकसभा चुनाव के साथ-साथ होंगे।
कांग्रेस के छह बागियों ने राज्यसभा चुनाव में 27 फरवरी को भाजपा के उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। दो दिन बाद, उन्हें विधानसभा में उपस्थित रहने और कटौती प्रस्तावों एवं बजट के दौरान सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए जारी पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करने को लेकर अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
ये विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए और उन्हें उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से टिकट दिया गया। कांग्रेस ने पांच विधानसभा सीट से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि धर्मशाला विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा की जानी अभी बाकी है।
भाषा सुभाष