संविधान बदलकर मुसलमानों को आरक्षण देगा ‘इंडिया’ गठबंधन: भाजपा
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र संतोष
- 07 May 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुसलमानों को आरक्षण देने की वकालत करने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर हमला बोला और कहा कि उनका बयान उसके इस दावे को बल देता है कि ‘इंडिया’ गठबंधन अनुसूचित जाति(एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का कोटा छीनकर उसे अल्पसंख्यक समुदाय को देना चाहता है।
अपनी टिप्पणी से विवाद पैदा होने के बाद यादव ने स्पष्ट किया कि धर्म नहीं बल्कि सामाजिक पिछड़ापन आरक्षण का मानदंड है। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के अनुरूप हिंदुओं के अलावा अन्य धर्मों की सैकड़ों जातियों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है।
प्रसाद की टिप्पणी का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी जनसभाओं में पूर्व रेल मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की थी।
प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ खड़ा करने में विश्वास करती है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि यादव ने मुसलमानों के लिए आरक्षण की वकालत की है।
उन्होंने कहा, ‘‘लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मुसलमानों को पूर्ण आरक्षण दिया जाना चाहिए। उनके द्वारा अपने वक्तव्य में प्रयुक्त यह शब्द ‘पूरा का पूरा' (पूर्ण) बहुत गंभीर है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि वे (इंडिया गठबंधन) मुसलमानों को एससी, एसटी और ओबीसी के हिस्से से आरक्षण देना चाहते हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि एससी, एसटी और ओबीसी के हिस्से से मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान को बदलने की ‘इंडिया’ गठबंधन की योजना के बारे में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा द्वारा जताया जा रहा संदेह यादव के बयान से सही साबित होता है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि इससे पता चलता है कि विपक्ष संविधान की मौलिक भावना में संशोधन करना चाहता है जबकि बी आर आंबेडकर ने धर्म के आधार पर आरक्षण का स्पष्ट रूप से विरोध किया है।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इससे एक बात और स्पष्ट होती है कि राजद के लिए मुस्लिम पहले और यादव बाद में हैं।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित ‘इंडिया’ गठबंधन के कई अन्य नेता सत्ता में आने पर मुसलमानों को आरक्षण देने की बात कर रहे हैं।
त्रिवेदी ने विपक्षी पार्टियों के उन आरोपों को ‘झूठ’ करार दिया जिनमें दावा किया गया है कि भाजपा अगर सत्ता में आई तो वह संविधान को बदल देगी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस ही थी जिसने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में सत्ता में रहते हुए प्रस्तावना में संशोधन कर संविधान को बदला था।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्होंने संविधान को बदल दिया है, वे संविधान बदलना चाहते हैं। वे कर्नाटक और तेलंगाना में संविधान बदल रहे हैं।’’
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन की घटक दल समाजवादी पार्टी ने सत्ता में रहने के दौरान उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के सदस्यों को पदोन्नति में आरक्षण देने के प्रावधान को खत्म कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी (भाजपा) सरकार बनने के बाद ही उप्र में इसे बहाल किया गया। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में मुसलमानों को आरक्षण प्रदान किया, एससी, एसटी और ओबीसी के लिए कोटा खत्म कर दिया।’’
त्रिवेदी ने कहा कि मोदी कहते हैं कि उनकी सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में किए गए विकास कार्य महज ‘ट्रेलर’ हैं और पूरी तस्वीर अभी आनी बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए ‘ट्रेलर’ कर्नाटक में मुसलमानों को दिया गया आरक्षण है और पूरी तस्वीर पूरे देश में उसी प्रावधान को लागू करने की है।
भाजपा नेता ने राम मंदिर पर समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव की ओर से की गई टिप्पणी के लिये भी उनकी आलोचना की और ‘इंडिया’ गठबंधन से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या वह सत्ता में आने पर अयोध्या में मंदिर में ताला लगाने का इरादा रखता है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर सपा नेता यादव की ओर से की गई टिप्पणी के लिए उन्हें आड़े हाथ लिया। आदित्यनाथ ने कहा कि यह ‘इंडिया’ गठबंधन की सच्चाई को दर्शाता है।
त्रिवेदी ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर मंदिर अनुपयोगी है तो क्या सपा द्वारा उत्तर प्रदेश में सत्ता में रहने के दौरान बनवाया गया हज हाउस, कब्रिस्तान और ‘मुगल’ गार्डन अच्छा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने अक्सर हिंदू भावनाओं का मजाक उड़ाया है।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र