स्कूल नौकरी घोटाले को लेकर न्यायालय के अंतरिम आदेश से ‘बहुत खुश’ हूं : ममता बनर्जी
धीरज दिलीप
- 07 May 2024, 08:30 PM
- Updated: 08:30 PM
कोलकाता, सात मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विद्यालयों में की गई 25 हजार से अधिक भर्तियों को रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने का मंगलवार को स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत में न्याय मिलने के बाद वह ‘बहुत खुश और मानसिक तौर पर राहत महसूस कर रही हैं।’’
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा की गई 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य कर दिया गया था।
प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने हालांकि, सीबीआई को अपनी जांच जारी रखने और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों की भी जांच करने की अनुमति दी।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कहा कि वह जांच के दौरान किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने जैसी कोई जल्दबाजी भरी कार्रवाई न करे।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ देश की शीर्ष अदालत से न्याय मिलने के बाद मैं वास्तव में खुश हूं और मानसिक रूप से राहत महसूस कर रही हूं। पूरे शैक्षणिक जगत को बधाई और माननीय उच्चतम न्यायालय को मेरा विनम्र आभार।’’
इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा , ‘‘ माननीय उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह बंगाल की छवि को धूमिल करने और पश्चिम बंगाल सरकार को अस्थिर करने की भाजपा की ‘विस्प्फोटक’ कोशिश को नाकाम कर दिया है। सच्चाई की जीत हुई है। हम सभी मुश्किलों को पार करते हुए लोगों के साथ आखिरी सांस तक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।’’
इससे पहले न्यायालय ने कथित भर्ती घोटाले को “व्यवस्थागत धोखाधड़ी” करार देते हुए कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड संभाल कर रखते।
पीठ कलकत्ता उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य घोषित कर दिया था।
भाजपा ने हालांकि दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विद्यालयों में हुई भर्ती में भ्रष्टाचार अदालत में साबित हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ तृणमूल कांग्रेस इस घोटाले में गले तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है।’’
इससे पहले, राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि अदालत ने “मनमाने तरीके से” नियुक्तियां रद्द कर दीं।
भाषा धीरज