टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी जताने पर ममता ने छोटे भाई से तोड़ा संबंध
प्रशांत माधव
- 13 Mar 2024, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
कोलकाता, 13 मार्च (भाषा) अपनी पार्टी में “वंशवाद की राजनीति” को बढ़ावा देने के भाजपा के आरोप को खारिज करने के कथित प्रयास में, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को अपने छोटे भाई बाबुन बनर्जी से संबंध तोड़ लिए।
बाबुन बनर्जी ने पार्टी द्वारा पश्चिम बंगाल की हावड़ा लोकसभा सीट से प्रसून बनर्जी को फिर से नामांकित करने पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
इस प्रक्रिया में, बनर्जी यह संदेश देने की कोशिश करती भी दिखीं कि वह चुनावों से पहले अपनी पार्टी में असंतोष की आवाजों से निपटने के लिए तैयार हैं, भले ही इसके लिए उन्हें अपने घर से सफाई अभियान शुरू करना पड़े।
तृणमूल प्रमुख की अपने भाई के खिलाफ नाराजगी की अभिव्यक्ति बाबुन द्वारा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने और टीएमसी उम्मीदवार को टक्कर देने के इरादे व्यक्त करने के बाद आई है।
बनर्जी की घोषणा के कुछ ही वक्त बाद बाबुन अपनी पूर्व की स्थिति से पलटते दिखे और कहा, “मैं दीदी की डांट को आशीर्वाद मानता हूं” और “घर पर दीदी से मिलकर जल्द से जल्द उनके साथ मामला सुलझा लूंगा।”
बाबुन अपने व्यक्तिगत मामलों के सिलसिले में इस समय दिल्ली में हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ने के अपने पहले के रुख से पीछे हट गए हैं।
बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में संवाददाताओं से कहा, “मैं सीधे तौर पर यही कहूंगी, कुछ लोग जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं बेहद लालची हो जाते हैं। उन्हें परिवार को किनारे रखकर ही अपना खेल खेलना चाहिए। मैं उन्हें अपने परिवार का सदस्य नहीं मानती। आज से, मेरा निकटतम परिवार, मेरे कुटुंब और मैं उनके साथ सभी रिश्ते तोड़ रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “किसी को भी उन्हें मेरा भाई नहीं कहना चाहिए। आप उन्हें स्वतंत्र व्यक्ति के तौर पर देख सकते हैं। लेकिन कृपया अब मेरा नाम उनके साथ न जोड़ें। मैं घोषणा करती हूं कि मैं और मेरा परिवार एक बार और हमेशा के लिए उससे खुद को अलग कर रहे हैं।”
तृणमूल के खेल प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्य के कई खेल निकायों और क्लबों में प्रशासनिक पदों पर आसीन बाबुन ने फुटबॉल खिलाड़ी प्रसून बनर्जी की उम्मीदवारी की निंदा करते हुए कहा था, “मैं मोहन बागान क्लब की आम सभा की बैठक के दौरान उनके द्वारा किए गए अपने अपमान को नहीं भूल सकता।”
उन्होंने एक क्षेत्रीय टीवी चैनल को बताया कि वह इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि उन्हें पता है कि ममता बनर्जी इसे अस्वीकार कर देंगी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने कहा, “जब भी कोई चुनाव आता है तो ऐसे लोग होते हैं जो टिकट की चाहत रखते हैं, चाहे वह सांसद या विधायक से लेकर पार्षद तक हो। अगर मैं अपने परिवार के सदस्यों की मांगों को मान लेती, तो मैं वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देती। मैं ऐसी राजनीति को बढ़ावा नहीं देता। उन्हें अपने दम पर चुनाव लड़ने की आजादी है। मुझे ऐसे लालची लोग नापसंद हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि इसमें भाजपा की भूमिका है, बनर्जी ने कहा, “बेशक, इसके पीछे भाजपा है। उन्होंने हमेशा चुनावों के दौरान करोड़ों रुपये का लालच देकर परिवारों को तोड़ने का खेल खेला है। मैंने इसे पहले भी कई मौकों पर देखा है।”
बनर्जी ने कहा, “वे ही वंशवाद की राजनीति का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन यहां मैं एक उदाहरण स्थापित कर रही हूं कि कैसे मैं पारिवारिक राजनीति को बढ़ावा नहीं देता। मैं लोगों की राजनीति को बढ़ावा देता हूं।”
बाद में फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट में, बाबुन ने उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों को “फर्जी खबर” बताया।
मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा, “उन्होंने पहले ही भाजपा के साथ संबंध होने की बात कबूल कर ली है। और क्या कहना है?”
बाबुन ने अपनी बड़ी बहन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वह परिवार में मेरी वरिष्ठ हैं और उन्हें मुझे डांटने का पूरा अधिकार है। ऐसा करने के लिए उनके पास अपने कारण होने चाहिए और मैं इसे अपना आशीर्वाद मानता हूं। मैं उनसे मिलते ही मामले को सुलझा लूंगा।”
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