मेरठ में व्यापारी से ‘नाक रगड़वाने’ को लेकर उठा विवाद सुलझा, दोनों पक्षों में हुआ समझौता
मनीषा शफीक
- 31 Oct 2025, 02:49 PM
- Updated: 02:49 PM
मेरठ (उप्र), 31 अक्टूबर (भाषा) मेरठ में पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता द्वारा एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी से जमीन पर नाक रगड़वा कर माफी मंगवाये जाने से उत्पन्न गतिरोध आखिरकार वरिष्ठ भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया है। दोनों पक्ष एक समझौते पर सहमत हो गए हैं।
भाजपा की नगर इकाई के अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बृहस्पतिवार की शाम सर्किट हाउस में वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।
उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को पूर्व भाजपा नेता विकुल चपराणा ने स्थानीय कपड़ा व्यापारी सत्यम रस्तोगी को तेजगढ़ी चौराहे के पास पार्किंग को लेकर हुए विवाद में माफी मांगने के लिए सार्वजनिक रूप से जमीन पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया था।
चपराणा ने एक राज्य मंत्री का नाम लेते हुए इस कृत्य को सही ठहराया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था। इससे व्यापारी वर्ग में खासा आक्रोश व्याप्त था।
विवेक रस्तोगी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता ‘‘समाज में बढ़ते तनाव को समाप्त करने के लिए आवश्यक था।’’
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने एक लिखित समझौता किया, जिसमें कहा गया है कि वे अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
समझौता कराने के लिए हुई बैठक में सांसद अरुण गोविल, राज्य मंत्री दिनेश खटीक, विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधान पार्षद धर्मेंद्र भारद्वाज और जिला भाजपा अध्यक्ष शिवकुमार राणा मौजूद थे।
मेडिकल थाने के वरिष्ठ उप-निरीक्षक अजब सिंह ने बताया कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच का मामला है। उन्होंने कहा कि मामला पहले ही दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। इस मामले में आरोपी पूर्व भाजपा नेता चपराणा को गिरफ्तार भी किया गया था।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद मेडिकल थाना प्रभारी को निलंबित तथा तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। भाजपा ने व्यापारी से दुर्व्यवहार करने के आरोपी चपराणा को पार्टी के किसान मोर्चा से भी निलंबित कर दिया था।
इस घटना के बाद गुर्जर और वैश्य समुदाय के सदस्यों के बीच तनाव पैदा हो गया था।
भाषा सं सलीम
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