गोरखपुर के दक्षिणांचल में औद्योगीकरण के नये युग की शुरुआत हुई : योगी आदित्यनाथ
आनन्द संतोष
- 08 Mar 2024, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
गोरखपुर (उप्र), आठ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि धुरियापार समेत गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को लेकर यह मान लिया गया था कि यहां कुछ हो ही नहीं सकता, उसी दक्षिणांचल में महाशिवरात्रि के पावन महापर्व पर औद्योगीकरण के नये युग की शुरुआत हो गयी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ शुक्रवार को इंडियन ऑयल कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र का उद्घाटन किया।
गोरखपुर जिले के धुरियापार में करीब 165 करोड़ रुपये की लागत से 18 एकड़ में बने सीबीजी संयंत्र से कचरे से प्रतिदिन 20 टन कम्प्रेस्ड बायोगैस तथा 125 टन जैविक खाद का उत्पादन होगा।
इस मौके पर उप्र के मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में इस परियोजना की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘यह दक्षिणांचल के औद्योगीकरण की एक शुरुआत है। अभी यहां 165 करोड़ रुपये की परियोजना का उद्घाटन हुआ है।''
उन्होंने कहा कि आज से चार वर्ष पहले जब वह शिलान्यास करने आए थे, तब मौसम खराब था और प्रकृति भी कोस रही थी कि जमीन और पानी है, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं हो पाया है।
योगी ने मौसम की ओर इशारा करते हुए कहा, ''आज जब यह संयंत्र बनकर तैयार हो गया है तो कितना शानदार व सुहाना मौसम है, प्रकृति भी खुश है, यह दिन भी शिवरात्रि के पर्व का है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस को लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) को जोड़ने जा रही है और यह कार्य भी अंतिम चरण में चल रहा है। जब लिंक एक्सप्रेस वे बन जाएगा, तब रामजानकी मार्ग का कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गीडा के विस्तार होगा और औद्योगीकरण के एक नये युग में गोरखपुर का दक्षिणांचल भी प्रवेश करेगा।
उन्होंने कहा कि इससे यहां रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नौकरी के लिए गोरखपुर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 'यह सीबीजी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर महत्वपूर्ण प्रयास है।'
पुरी ने कहा कि इस संयंत्र को ‘इंडियन आयल’ ने लगभग 165 करोड़ रुपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा आवंटित 18 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि यह संयंत्र बायोगैस (सीबीजी) का उत्पादन करने के लिए लगभग 200 टन धान की पुआल (पराली) एवं प्रेस मड तथा गोबर का उपयोग कर प्रतिदिन 20 टन ‘कम्प्रेस्ड बायो गैस’ तथा 125 टन जैविक खाद का उत्पादन करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संयंत्र से उत्पादित जैविक खाद से लगभग 9000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इस सीबीजी संयंत्र से लगभग 20 टीएमटी कार्बन उत्सर्जन कम होगा जो कि पर्यावरण सुरक्षा के लिये एक बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है।
पुरी ने कहा कि अब तक भारत में सतत योजना के तहत 58 सीबीजी संयंत्र चालू किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्वच्छ ऊर्जा परिदृश्य को 100 से अधिक बायोगैस संयंत्रों के साथ विस्तारित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष जनवरी माह में बंदायू में एचपीसीएल द्वारा स्थापित सीबीजी संयंत्र से की थी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही 100 सीबीजी संयंत्र होंगे जो भारत सरकार की स्वच्छ ऊर्जा पहल को बड़ी बढ़त देगें और वर्ष 2070 तक निवल शून्य (नेट जीरो) के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
उत्तर प्रदेश में फिलहाल 10 सीबीजी संयंत्र हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भारत को उर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है।
पुरी ने कहा, ‘‘ मुझे पूरा विश्वास है कि मोदी जी की गारंटी पर हम सब विकसित भारत 2047 का हिस्सा बन पाएंगे और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को और उज्ज्वल बनाने में अहम योगदान कर सकेंगे।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए पुरी ने कहा कि पिछले सात सालों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं को ‘बुलेट ट्रेन’ की गति से आगे बढ़ाया है।
एक बयान में कहा गया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बांसगांव लोकसभा क्षेत्र को 222 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उपहार दिया।
मुख्यमंत्री ने 68 करोड़ रुपये से अधिक की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 154 करोड़ रुपये से अधिक की 17 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
समारोह को सांसद कमलेश पासवान और विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।
भाषा आनन्द