भाजपा नेताओं ने मुझसे नाम वापसी को कहा, मैंने उनसे पूछा कि क्या राजनीति बुरी है : पूर्व संघ प्रचारक
हर्ष खारी
- 06 May 2024, 03:32 PM
- Updated: 03:32 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), छह मई (भाषा) निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर इंदौर लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक अभय जैन ने सोमवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने उनसे मिलकर पर्चा वापस लेने का ‘‘अनुरोध’’ किया था।
भाजपा ने जैन के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह महज प्रचार पाने के लिए ‘‘कपोल कल्पित’’ बातें कर रहे हैं।
जैन, संघ के पूर्व प्रचारकों की गठित ‘‘जनहित पार्टी’’ के प्रमुख हैं। इस नयी-नवेली पार्टी को अभी चुनाव आयोग की मान्यता नहीं मिली है। यह पार्टी इंदौर को नशे और ‘‘धनबल तथा बाहुबल की राजनीति’’ से मुक्त कराने के मुख्य वादों के साथ चुनाव लड़ रही है।
जैन ने इंदौर ‘प्रेस क्लब’ में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि भाजपा के चार नेता उनसे मिलने 27 अप्रैल को देर रात उनके घर शिष्टाचार भेंट के लिए आए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नेताओं ने संघ के दिनों के पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए मुझसे अनुरोध किया कि मुझे चुनाव लड़ते देखना उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है और मुझे प्रचारक की पुरानी भूमिका में काम करना चाहिए।’’
जैन ने दावा किया कि उनसे मिलने आए भाजपा नेताओं में सूबे के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, स्थानीय विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष गौरव रणदिवे और पार्टी के एक अन्य नेता नानूराम कुमावत शामिल थे।
संघ के पूर्व प्रचारक ने कहा कि उन्होंने भाजपा नेताओं का नाम वापस लेने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया क्योंकि चुनावी समर से उनके कदम पीछे खींचने का सवाल ही नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इन भाजपा नेताओं से सवाल किया कि क्या राजनीति बुरी चीज है और चुनाव लड़ना बुरी बात है? मैंने उनसे यह भी पूछा कि क्या हमारी पार्टी के मुद्दे और कार्यशैली बुरी है या हमारे चाल-चलन में कोई गड़बड़ है?’’
जैन के दावे के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गोविंद मालू ने कहा, ‘‘जैन केवल चर्चा में बने रहने और प्रचार पाने के लिए कपोल कल्पित बातें कर रहे हैं। वह हमारे लिए इस चुनावी समर में इतने चुनौतीपूर्ण उम्मीदवार नहीं हैं कि नाम वापसी के लिए उनसे मिलने जाया जाए।’’
सियासी गलियारों में जैन का नाम नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों में पहली बार चर्चा में आया था, जब उन्होंने 3.64 लाख मतदाताओं वाली इंदौर-1 सीट से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय चुनाव जीते थे, जबकि जैन की जमानत जब्त हो गई थी।
भाषा हर्ष