सीआरपीएफ ने राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, खरगे को पत्र लिखा
शफीक पवनेश
- 11 Sep 2025, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी आवाजाही के दौरान कथित तौर पर कुछ सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता 55 वर्षीय गांधी को ‘जेड प्लस (एएसएल)’ सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करती है।
जब भी राहुल गांधी कहीं जाते हैं, लगभग 10-12 सशस्त्र सीआरपीएफ कमांडो उन्हें नजदीकी सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।
उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) के एक भाग के रूप में, बल गांधी द्वारा दौरा किए जाने वाले स्थानों का प्रारंभिक निरीक्षण करता है।
सूत्रों ने बताया कि अर्धसैनिक बल की वीआईपी सुरक्षा शाखा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र भेजा है, जिसमें राहुल गांधी की देश की भीतर यात्राओं के दौरान तथा विदेश रवाना होने से पहले की कुछ ‘‘बिना किसी सूचना के कुछ अनिर्धारित गतिविधियों’’ का उल्लेख किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, उक्त पत्र की एक प्रति गांधी के कार्यालय को भी भेजी गई है।
सूत्रों ने कहा कि नियमित रूप से इस तरह का संचार किया जाता है और सीआरपीएफ सुरक्षा शाखा द्वारा पहले भी गांधी की सुरक्षा के संदर्भ में ऐसा संचार किया गया था।
बल ने रेखांकित किया है कि इस तरह की अघोषित गतिविधियां ‘‘उच्च जोखिम’’ वाले वीआईपी की सुरक्षा के लिए ‘‘जोखिम’’ पैदा करती हैं।
उसने कहा कि सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति और उसके कर्मचारियों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना चाहिए।
इस बीच, कांग्रेस ने राहुल गांधी द्वारा सुरक्षा ‘प्रोटोकॉल’ का उल्लंघन किए जाने के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दावे के समय को लेकर बृहस्पतिवार को सवाल खड़े किए और कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जारी अभियान की अगुवाई कर रहे हैं।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ वाले खुलासे का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि क्या सरकार उस सच्चाई से घबरा गई है जो उजागर होने वाली है।
खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सीआरपीएफ के पत्र का समय और इसे तुरंत सार्वजनिक रूप से जारी करने से कई सवाल खड़े होते हैं। राहुल गांधी निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से भाजपा की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।’’
भाषा
शफीक