डब्ल्यूबीएसएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर विशेष सुरक्षा उपाय करेगा: अध्यक्ष
धीरज माधव
- 06 Sep 2025, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
कोलकाता, छह सितंबर (भाषा)पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) ने शनिवार को दावा किया कि सात और 14 सितंबर को होने वाली एसएलएसटी परीक्षा के दौरान किसी भी गड़बड़ी का पता लगाने के लिए प्रश्नपत्रों में कई अनूठी सुरक्षा विशेषताएं जोड़ी गई हैं। इस परीक्षा में करीब 5.65 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है।
डब्ल्यूबीएसएससी द्वारा शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली स्कूल स्तरीय चयन परीक्षा (एसएलएसटी) सात और 14 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के जरिये कक्षा 9-10 और 11-12 के लिए 35,726 शिक्षण पद भरे जाएंगे।
आगामी परीक्षाओं में एक भी ‘दागी’ उम्मीदवार को बैठने की अनुमति न मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्देश के मद्देनजर, डब्ल्यूबीएसएससी ने 2016 एसएलएसटी परीक्षा के आधार पर चयनित और अब बेरोजगार हुए लगभग 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण उम्मीदवारों में से 1,806 ‘दागी’ शिक्षकों की सूची की घोषणा की।
उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल में अपने आदेश में 2016 की पूरी भर्ती प्रक्रिया को ‘दागदार और दूषित’ करार दिया था।
डब्ल्यूबीएसएससी के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने आयोग के मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, ‘प्रत्येक प्रश्न पत्र में विशिष्ट पहचान सुरक्षा विशेषताएं शामिल की जाएंगी, जिससे प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान की जा सकेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में निगरानी कक्ष में अलर्ट के माध्यम से तुरंत पता चल जाएगा, जहां संबंधित अभ्यर्थी की पहचान की जाएगी और उचित अनुवर्ती कदम उठाए जाएंगे।’’
उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सुरक्षा की दृष्टि से इसमें क्या विशेषताएं होंगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि एक गिरोह एसएलएसटी उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र बेच रहा है।
मजूमदार ने शुभेंदु अधिकारी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं राजनीतिक दलों के दावों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। हम निश्चितता के साथ कह सकते हैं कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए हैं और हमें नियमों के किसी भी उल्लंघन की आशंका नहीं है। पहले चरण की परीक्षाएं समाप्त होने दीजिए, फिर आप देखेंगे।’’
दागी उम्मीदवारों द्वारा प्रवेश पत्र डाउनलोड किए जाने के सवाल पर मजूमदार ने कहा, ‘‘हमने उच्चतम न्यायालय के आदेश को पूरी तरह से लागू करने के लिए पहले ही जरूरी कदम उठा लिए हैं, जिसमें ये मुद्दे भी शामिल हैं। हमारी वेबसाइट पर इस मुद्दे पर अदालत का आदेश और हम इस पर कैसे काम कर रहे हैं, इसकी जानकारी मौजूद है।’’
भाषा धीरज