महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है: आनंदीबेन पटेल
जफर सुरेश खारी
- 04 Sep 2025, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
लखनऊ, चार सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां समानता और सशक्तीकरण की ओर बढ़ते बदलाव को दर्शाती हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पटेल ने 8,507 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं, जिनमें 6,150 छात्राएं थीं यानी कुल विद्यार्थियों की 72 प्रतिशत। इसके अलावा 73 स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं में से 60 छात्राएं थीं जो कुल पदक विजेताओं का 82 प्रतिशत हैं।
उन्होंने कहा कि डिग्री और पदक प्राप्त करने में छात्राओं का दबदबा सभी क्षेत्रों में उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
पटेल ने कहा, ‘‘एक समय था जब परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा से अधिक उनकी शादी को प्राथमिकता देते थे। अपार प्रतिभा के बावजूद, लड़कियों को असमानता और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ा। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे कृषि सहित हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं, जहां कभी उनकी भागीदारी नगण्य थी।’’
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और कुलपति डॉ. संजीव मिश्रा सहित अन्य उपस्थित लोगों ने भी छात्राओं को बधाई दी।
राज्यपाल ने 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित कीं और निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और उचित शिशु पोषण के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालय स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए एक व्यापक औषधि किट तैयार करने हेतु आयुष, एलोपैथी और होम्योपैथी विभागों के बीच सहयोग का भी आह्वान किया।
पटेल ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति बच्चों में जागरुकता की आवश्यकता पर बल दिया और जिला अधिकारियों तथा विश्वविद्यालय के कुलपति को जल संरक्षण, स्वच्छता, दहेज निवारण और बाल विवाह जैसे विषयों पर स्कूल प्रतियोगिताओं के लिए एक वार्षिक कैलेंडर बनाने का निर्देश दिया।
बच्चों में मोटापे पर प्रधानमंत्री की चिंता को रेखांकित करते हुए उन्होंने गर्भवती महिलाओं को पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग के बारे में शिक्षित करने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों की जमीन बड़े संस्थानों के लिए अधिग्रहित की जाती है, उनका आर्थिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और सत्र के बीच में शुल्क में कोई वृद्धि नहीं होनी चाहिए क्योंकि कई परिवार अपने बच्चों की चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी त्याग करते हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे की प्रशंसा की तथा स्वास्थ्य सेवा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए परिसर में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का अनुरोध किया।
भाषा जफर सुरेश