राजस्थान: स्मार्ट मीटर और झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर विधानसभा में हंगामा
पृथ्वी जोहेब
- 03 Sep 2025, 06:34 PM
- Updated: 06:34 PM
जयपुर, तीन सितंबर (भाषा) राजस्थान विधानसभा में बुधवार को बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने और झालावाड़ जिले में हुए स्कूल हादसे में सात छात्रों की मौत के मुद्दे पर हंगामा हुआ।
प्रश्नकाल के दौरान स्मार्ट मीटर से संबंधित सवाल पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के जवाब पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस के विधायकों ने बहिर्गमन किया। विपक्षी दल ने इस परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
सदन की कार्यवाही पंजाब से राजस्थान की नहरों में आने वाले "जहरीले" पानी पर सवाल के साथ शुरू हुई लेकिन जल्द ही हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस के विधायकों ने बिजली के स्मार्ट मीटर और झालावाड़ स्कूल हादसे का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस विधायकों ने स्मार्ट मीटर लगाने में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने सदन के आसन के सामने नारेबाजी की और सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
मंत्री नागर ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला पिछली कांग्रेस सरकार ने 2023 में कैबिनेट सर्कुलर के जरिए लिया था। उन्होंने कहा कि अनुबंध नियमों के अनुसार दिए गए थे और इसमें कोई 'ब्लैकलिस्टेड' कंपनी शामिल नहीं थी।
उन्होंने कहा, "यह योजना कांग्रेस ने ही शुरू की थी। अब आपत्ति क्यों?"
नागर के बोलते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया और बाद में अपनी सीटों पर लौट गए।
उन्होंने मंत्रियों पर विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन में बयानबाजी करने का भी आरोप लगाया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्रियों को सीधे बहस करने की चुनौती दी।
विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने उनके व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा, "यह उनकी आदत बन गई है। वे उस योजना (स्मार्ट मीटर) का विरोध कर रहे हैं जिसे वे (सत्ता में रहते हुए) लाए थे।"
शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने झालावाड़ में स्कूल में हुई घटना को लेकर हंगामा किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने छत गिरने की घटना में सात छात्रों की मौत को "हत्या" बताया और कहा कि जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विपक्षी सदस्य विरोध में सदन में आसन के करीब आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा आस्तीन चढ़ाते हुए जूली की ओर बढ़े। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने हस्तक्षेप कर स्थिति को बिगड़ने से रोका। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना दिया और जर्जर स्कूली इमारतों और झालावाड़ की घटना को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
कांग्रेस विधायक बुधवार को काली पट्टियां बांधकर सदन में आए और भाजपा सरकार पर झालावाड़ त्रासदी में मारे गए छात्रों को श्रद्धांजलि न देकर इस त्रासदी की "अनदेखी" करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर, अध्यक्ष ने सूचीबद्ध विधायी कार्य शुरू किया और राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं नियमन विधेयक-2025 पेश किया गया। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह छात्र आत्महत्याओं के मूल कारण का समाधान किए बिना "नौकरशाही को बढ़ावा देता है"। उन्होंने कहा, "यह विधेयक छात्रों को आत्महत्या करने से कैसे रोकेगा? इसके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।"
भाषा पृथ्वी