पंजाब: बलात्कार मामले में आरोपी आप विधायक गोलियों की बौछार की आड़ में पुलिस हिरासत से फरार
प्रशांत राजकुमार
- 02 Sep 2025, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
(तस्वीरों के साथ)
पटियाला, दो सितंबर (भाषा) हरियाणा के करनाल में मंगलवार को उस समय नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद अपने समर्थकों द्वारा गोलीबारी और पथराव किये जाने के बीच पुलिस हिरासत से फरार हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पठानमाजरा हरियाणा में करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे जहां पंजाब पुलिस का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने पहुंचा था।
पटियाला अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) के प्रभारी प्रदीप बाजवा ने कहा, ‘‘हमने हरियाणा में पठानमाजरा के (रिश्तेदार के) आवास पर छापा मारा। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन ग्रामीणों के एक समूह और कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और गोलियां चलाईं।’’
उन्होंने बताया कि सनौर के विधायक पठानमाजरा गोलियों और पथराव की आड़ में फरार हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, पठानमाजरा और उनके समर्थक दो ‘एसयूवी’ वाहनों- एक ‘स्कॉर्पियो’ और दूसरी ‘फॉर्च्यूनर’- से भाग गए।
उन्होंने बताया कि ‘एसयूवी’ वाहन को रोकने की कोशिश कर रहे एक पुलिसकर्मी को एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया।
सीआईए प्रभारी बाजवा ने बताया कि विधायक के साथी बलविंदर सिंह को तीन हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
बाद में पुलिस ने ‘फॉर्च्यूनर’ गाड़ी जब्त की, लेकिन विधायक दूसरी गाड़ी में भागने में सफल रहे।
इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पठानमाजरा पर बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक रूप से डराने-धमकाने के आरोप दर्ज किए गए हैं।
पठानमाजरा ने इससे पहले दिन में फेसबुक लाइव पर यह बात कही थी।
यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और बाद में शादीशुदा होते हुए भी 2021 में शादी कर ली।
पीड़िता ने विधायक पर लगातार यौन शोषण करने, धमकियां देने और उसे ‘अश्लील’ सामग्री भेजने का आरोप लगाया।
प्राथमिकी के बाद, पठानमाजरा ने फेसबुक पर लाइव आकर पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित आप नेतृत्व “पंजाब पर अवैध रूप से शासन कर रहा है”।
उन्होंने पार्टी के अन्य विधायकों से अपने साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस या भाजपा सरकारों के दौरान, आप का केंद्रीय नेतृत्व राज्य के मामलों में आज की तरह हस्तक्षेप नहीं करता था।
पठानमाजरा ने कहा, ‘‘वे मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सकते हैं, मैं जेल में रह सकता हूं, लेकिन मेरी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।’’
रविवार को, पठानमाजरा ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर उनके अनुरोध के बावजूद नदियों, खासकर तंगरी नदी की सफाई और गाद निकालने जैसे कदम न उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी प्रशासन को ठीक करने के बजाय पंजाब के विधायकों को दबाने की कोशिश कर रही है।
विधायक ने कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में कई बार यह मुद्दा उठाया, ज्ञापन दिए और प्रमुख सचिव (जल संसाधन) कृष्ण कुमार से कई बार व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, लेकिन ‘‘एक भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया।’’
इस बीच आप के नेता बल्तेज सिंह पन्नू ने कहा कि पठानमाजरा को जब पता चला कि पुलिस महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, तो उन्होंने आईएएस अधिकारी के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया और बाढ़ का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया।
चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से पठानमाजरा उसे अपने रिश्ते को फिर से शुरू करने के लिए मजबूर कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महिला ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में कहा कि वह इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी।
पन्नू के मुताबिक महिला की धमकी के बाद पठानमाजरा ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से संपर्क का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल तीन ‘सी’ की बात करते हैं और एक ‘सी’ का आशय ‘करैक्टर’ (चरित्र) से है, ऐसे में पार्टी ऐसे मामलों में लोगों का समर्थन नहीं करती, फिर चाहे वे जिस पद पर हों।’’
पन्नू ने कहा कि जब विधायक को पता चला कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है तो उन्होंने ध्यान हटाने के लिए बाढ़ का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया।
आप नेता ने कहा कि विधायक को पता था कि महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि विधायक के पास उसके निजी वीडियो और तस्वीरें हैं। महिला की शिकायत के अनुसार उसे धमकी दी गई है कि अगर वह पुलिस के पास गई तो इन तस्वीरों को ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा।
पन्नू ने कहा कि मंगलवार को जब विधायक अपने गांव में नहीं मिले तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने हरियाणा गई, लेकिन वह बच निकले।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने अभी उनके खिलाफ कार्रवाई पर फैसला नहीं किया है।
आईएएस अधिकारी का बचाव करते हुए पन्नू ने कहा कि उनके प्रयासों से गांवों के कोने-कोने तक सिंचाई का पानी पहुंचा है जो 45 साल में नहीं हुआ।
कांग्रेस और भाजपा ने आप सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसने 2022 में महिला की शिकायत पर पठानमाजरा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, लेकिन जब विधायक ने मान सरकार और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बात की, तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार पर राज्य में शासन को “राजनीतिक रंगदारी और प्रतिशोध के एक क्रूर सर्कस” में बदलने का आरोप लगाया।
बाजवा ने कहा कि पठानमाजरा के खिलाफ दर्ज की गई “चौंकाने वाली” प्राथमिकी “न केवल सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नैतिक और कानूनी सड़ांध को उजागर करती है, बल्कि मान के नेतृत्व में न्याय के पूर्ण पतन को भी उजागर करती है”।
बाजवा ने पूछा, “प्राथमिकी से ही स्पष्ट है कि कथित अपराध 2014 से जून 2024 तक का है। शिकायतकर्ता ने सितंबर 2022 में अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों से संपर्क किया था। फिर भी, लगभग तीन साल तक, मान सरकार न्याय की उसकी गुहार पर अंधी-बहरी बनी रही। तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इतने लंबे समय तक इस विधायक को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और न ही उनसे पूछताछ की गई?”
उन्होंने आरोप लगाया, “अचानक, सितंबर 2025 में, जब पठानमाजरा भगवंत मान के कामकाज के खिलाफ आवाज उठाता है और सरकार की आलोचना करता है, तो मामला उजागर होता है, गिरफ्तारियां होती हैं, और फिर चमत्कारिक रूप से, वह पुलिस हिरासत से भी बच निकलता है। यह शासन नहीं है। यह जबरन वसूली, ब्लैकमेल और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने वाली सरकार के अलावा और कुछ नहीं है।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी आप सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के लगभग तीन साल बाद पठानमाजरा के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करने से उसकी कार्यप्रणाली उजागर हो गई है।
चुघ ने कहा कि मान तीन साल तक इस मामले पर सोए रहे, लेकिन पठानमाजरा द्वारा बाढ़ संकट से निपटने में उनकी “पूरी तरह से विफलता” के लिए उनकी और “दिल्ली मंडली” की खुलेआम आलोचना करने के बाद अचानक उनकी नींद खुली।
रविवार को पठानमाजरा के निर्वाचन क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में थे। पठानमाजरा ने इस मौके पर नौकरशाहों पर निशाना साधा और कहा कि वह तंगरी नदी की सफाई और नदियों के किनारों को मजबूत करने के लिए उनके पास की मिट्टी के इस्तेमाल की अनुमति देने की मांग करते रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कुमार को तुरंत उनके पद से हटाने का भी आग्रह किया।
सोमवार को, पठानमाजरा ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई है और उनके निर्वाचन क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी प्रमुखों का तबादला कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई का पहले से ही अंदाज़ा था।
पठानमाजरा ने कहा, ‘‘मैंने कल ही अपने सुरक्षाकर्मियों से कह दिया था कि उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। दिल्ली के नेता (आप पार्टी के) सोचते हैं कि वे मुझे सतर्कता (कार्रवाई) या प्राथमिकी से डरा सकते हैं, लेकिन मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं अपने लोगों के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहूंगा।’’
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