किम जोंग उन बीजिंग पहुंचे, पुतिन और शी जिनपिंग के साथ सैन्य परेड में होंगे शामिल
एपी संतोष नरेश
- 02 Sep 2025, 09:38 PM
- Updated: 09:38 PM
सियोल (दक्षिण कोरिया), दो सितंबर (एपी) उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन मंगलवार को ट्रेन से बीजिंग पहुंचे जहां वह चीन और रूस के अपने समकक्षों के साथ सैन्य परेड में हिस्सा लेंगे। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने इस बारे में जानकारी दी।
ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सैन्य परेड से वे अमेरिका के विरुद्ध अपनी त्रिपक्षीय एकता प्रदर्शित करेंगे।
किम और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन विश्व के उन 26 नेताओं में शामिल हैं जो बुधवार को बीजिंग में आयोजित होने वाली विशाल सैन्य परेड को देखने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ शामिल होंगे।
यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और जापानी आक्रामकता के विरुद्ध चीन के प्रतिरोध की 80वीं वर्षगांठ पर हो रही है।
यह ऐसा आयोजन होगा जिसमें किम अपने 14 साल के शासन के दौरान किसी प्रमुख बहुपक्षीय कार्यक्रम में पहली बार शिरकत करेंगे। साथ ही, यह पहला अवसर होगा जब अमेरिका को चुनौती देने वाले देशों के नेता किम, शी और पुतिन एक ही स्थान पर साथ नजर आएंगे।
तीनों देशों में से किसी ने भी इन तीनों नेताओं की निजी त्रिपक्षीय बैठक की पुष्टि नहीं की है।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि बीजिंग रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ चीनी अधिकारियों ने किम का स्वागत किया। किम के हवाले से कहा गया कि उन्हें चीन आकर खुशी हुई और उन्होंने शी चिनफिंग और उनकी सरकार के सौहार्दपूर्ण आतिथ्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने काले सूट और लाल टाई पहने मुस्कुराते हुए किम की एक तस्वीर जारी की, जो स्टेशन पर ट्रेन से उतर रहे हैं।
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने मंगलवार को सांसदों से एक बैठक में कहा कि किम को पुतिन के समान ही विशेष प्रोटोकॉल और सुरक्षा प्राप्त होगी। जासूसी एजेंसी ने कहा कि किम बुधवार की परेड के दौरान तियानमेन चौक पर शी और पुतिन के साथ एक मंच पर खड़े हो सकते हैं और अनुमान है कि वह चीन और रूस के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
यह 2019 के बाद से किम की पहली चीन यात्रा है। वर्ष 2011 के अंतिम दिनों में पिता की मृत्यु के बाद सत्ता संभालने वाले किम जोंग की यह कुल पांचवीं चीन यात्रा है।
हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया की विदेश नीति की प्राथमिकता रूस रही है क्योंकि वह आर्थिक और सैन्य सहायता के बदले में यूक्रेन के खिलाफ मास्को के युद्ध में सहायता के लिए रूस को सैनिक और गोला-बारूद की आपूर्ति करता रहा है।
दक्षिण कोरियाई आकलन के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पिछले साल से रूस में लगभग 15,000 सैनिक भेजे हैं।
उत्तर कोरिया के सांसद ली सेओंग क्वेउन ने बताया कि सांसदों को दी गई नवीनतम जानकारी के तहत दक्षिण कोरियाई जासूसी एजेंसी ने कहा कि उसका मानना है कि अब तक हमारे लगभग 2,000 सैनिक युद्ध में मारे जा चुके हैं।
पुतिन रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन और बीजिंग में परेड में भाग लेने के लिए चीन पहुंचे। ‘क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के सहयोगी यूरी उशाकोव ने रविवार को रूस की ‘तास’ समाचार एजेंसी को बताया कि पुतिन और किम के बीच एक बैठक पर ‘‘विचार’’ किया जा रहा है।
एपी संतोष