कालेश्वरम परियोजना मामले में केसीआर एवं हरीश राव के विरूद्ध कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाए: अदालत
राजकुमार दिलीप
- 02 Sep 2025, 04:18 PM
- Updated: 04:18 PM
हैदराबाद, दो सितंबर (भाषा) तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कालेश्वरम परियोजना पर न्यायिक आयोग के निष्कर्षों के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) और पूर्व मंत्री टी हरीश राव के खिलाफ सात अक्टूबर तक कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करे।
उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी सी घोष की अध्यक्षता वाले आयोग ने 31 जुलाई को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें परियोजना के निर्माण और अन्य पहलुओं में कथित अनियमितताओं के लिए चंद्रशेखर राव को जिम्मेदार ठहराया।
अपनी रिपोर्ट में, न्यायिक आयोग ने केसीआर के भतीजे और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पिछली सरकार के दौरान सिंचाई मंत्री रहे हरीश राव की भी गलती पाई। केसीआर और हरीश राव ने इस रिपोर्ट को अदालत में चुनौती देते हुए उसे रद्द करने का अनुरोध किया और बाद में अंतरिम आवेदन दाखिल किये।
जब तेलंगाना की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पिछली बीआरएस सरकार के दौरान कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के निर्माण में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का फैसला किया, तब केसीआर और हरीश राव ने उच्च न्यायालय में अंतरिम याचिका दायर कर सरकार को न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई करने से रोकने का अनुरोध किया।
इन अंतरिम याचिकाओं पर सुनवाई के बाद, उच्च न्यायालय ने कहा कि ‘‘अगली तारीख - सात अक्टूबर तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाए।’’
मंगलवार को सुनवाई के दौरान, महाधिवक्ता सुदर्शन रेड्डी ने उच्च न्यायालय से कहा कि आयोग की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर आधारित कोई भी कार्रवाई रिपोर्ट फिलहाल विधानसभा में पेश नहीं की गई, लेकिन सरकार कार्रवाई रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने के लिए बाध्य है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) की रिपोर्ट तथा सरकार के समक्ष उपलब्ध अन्य सामग्री के आधार पर, यह मुद्दा (कालेश्वरम परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं का) सीबीआई को सौंप दिया गया।
उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई सात अक्टूबर तक के लिए स्थगित करते हुए सरकार को अंतरिम आवेदनों पर जवाब और मुख्य रिट याचिकाओं पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कालेश्वरम परियोजना पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर संक्षिप्त चर्चा के बाद सोमवार तड़के सीबीआई जांच की घोषणा की थी।
रेवंत रेड्डी ने कहा था कि इस परियोजना में अंतरराज्यीय मुद्दे, विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार के विभाग एवं एजेंसियां शामिल हैं, इसलिए इसकी जांच सीबीआई को सौंपना उचित है।
भाषा राजकुमार