मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव की विशेष जिम्मेदारी अपने भतीजे आकाश आनन्द और सांसद गौतम को सौंपी
आनन्द नोमान
- 31 Aug 2025, 04:33 PM
- Updated: 04:33 PM
लखनऊ, 31 अगस्त (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की विशेष जिम्मेदारी रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और अपने भतीजे आकाश आनन्द, केन्द्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम तथा पार्टी की बिहार इकाई को सौंपी।
बसपा प्रमुख ने अपने आधिकारिक “एक्स” हैंडल पर यह भी जानकारी दी कि उनकी पार्टी पड़ोसी राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव अपने बल पर, अकेले लड़ेगी।
उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि बिहार विधानसभा के लिये अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं जिसके लिए उम्मीदवारों के चयन सहित पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा व समीक्षा की गयी।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनज़र बैठक में आने वाले दिनों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अन्तिम रूप दिया गया।
उनके मुताबिक, बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को उल्लेखित कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी व तन, मन, धन से आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों को अगले महीने के प्रारंभ से शुरू होने वाली पार्टी की यात्रा व जनसभा आदि कार्यक्रमों के सम्बंध में विशेष ज़िम्मेदारी भी सौंपी गई।
मायावती ने पोस्ट में कहा कि ये सभी कार्यक्रम उनके निर्देशन में होंगे और इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनन्द व केन्द्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम तथा पार्टी की बिहार इकाई को सौंपी गई है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि बिहार एक बड़ा राज्य है और इसीलिये वहां की नई ज़रूरतों को देखते हुये राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन ज़ोन में बांट कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उसकी अलग-अलग ज़िम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया।
मायावती ने कहा कि इससे पहले ओड़िशा और तेलंगाना राज्यों में भी पार्टी संगठन की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने इन दोनों राज्यों में उत्तर प्रदेश के मॉडल पर ज़िला स्तर से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन और पार्टी के जनाधार को मजबूत करने के कार्यों के लिए तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा भी की।
भाषा आनन्द