दिल्ली: कालकाजी मंदिर के 'सेवादार' की पीट-पीटकर हत्या; एक गिरफ्तार
प्रशांत पवनेश
- 30 Aug 2025, 06:42 PM
- Updated: 06:42 PM
नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी मंदिर में 35 वर्षीय एक सेवादार की कुछ लोगों के साथ झगड़े के बाद कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को बताया कि हमलावरों में से एक को पकड़ लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को मंदिर में हुए विवाद के बारे में सूचना दी गई।
पुलिस ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने आए आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी सेवादार योगेंद्र सिंह से ‘चुन्नीप्रसाद’ (चुनरी और प्रसाद) मांगा, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) हेमंत तिवारी ने बताया कि विवाद ने तब हिंसक रूप ले लिया जब समूह ने सिंह पर घूंसे बरसाए और लाठियों से उनकी पिटाई की।
एक अधिकारी ने बताया कि सिंह पिछले 14-15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में सेवा कर रहे थे। उन्हें एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग सार्वजनिक रूप से सिंह पर लाठियों से बेरहमी से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कालकाजी मंदिर के महासचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “घटना रात करीब नौ बजे हुई। यह वाकई दिल दहला देने वाली है। मंदिर समिति और पुजारी समुदाय न्याय की मांग करते हैं और चाहते हैं कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो।”
उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आरोपी लोग उपद्रव मचा रहे थे और मंदिर के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। उन्होंने प्रसाद भी मांगा था, जो योगेंद्र नहीं दे सके क्योंकि वह खत्म हो चुका था।
भारद्वाज ने कहा, “योगेंद्र ने उन्हें नियमों का पालन करने के लिए कहा होगा, जिससे वे नाराज हो गए और इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। यहां के सेवादार पीढ़ियों से मंदिर में सेवा करते आ रहे हैं और श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांधते हैं।”
उन्होंने कहा, “उनका परिवार सदमे में है और हम भी। इस क्रूर हमले ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि मंदिर सेवादारों के खिलाफ ऐसा अपराध दोबारा न हो।”
घटना को याद करते हुए मंदिर के एक अन्य सेवादार राजू ने कहा, “वह अपनी धर्मशाला में बैठे थे, तभी 10 से 15 लोगों ने उन्हें बाहर खींच लिया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। वह पिछले 10 से 15 वर्षों से यहां सेवा कर रहे थे। मंदिर में चढ़ाया गया सारा प्रसाद भक्तों में बांट दिया जाता है। जब इन लोगों ने उनसे प्रसाद मांगा, तो कुछ भी नहीं बचा था, इसलिए उन्हें मना करना पड़ा।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हमलावरों ने इस बात का फायदा उठाया कि दूसरे सेवादार अंदर पूजा करने गए थे। राजू ने दावा किया, “उसे अकेला पाकर, वे उस पर टूट पड़े और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।”
इस बीच, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा, “कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले इन बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? ये कानून व्यवस्था की विफलता नहीं तो और क्या है?”
उन्होंने सवाल किया, “भाजपा के चारों इंजनों ने दिल्ली का ये हाल कर दिया है कि अब मंदिरों में भी ऐसी वारदातें हो रही हैं। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं ?”
डीसीपी तिवारी ने कहा कि कालकाजी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103(1) (हत्या) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक आरोपी दक्षिणपुरी निवासी अतुल पांडे (30) के बारे में जानकारी देते हुए डीसीपी ने बताया कि उसे स्थानीय लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
इस बीच, योगेंद्र सिंह की हत्या के शेष आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
भाषा
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