जम्मू-कश्मीर के रियासी, रामबन जिलों में बादल फटने, भूस्खलन से 11 लोगों की मौत
सिम्मी दिलीप
- 30 Aug 2025, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
जम्मू, 30 अगस्त (भाषा) पिछले एक पखवाड़े से कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए जूझ रहे जम्मू-कश्मीर के रियासी और रामबन जिलों में दूरदराज के गांवों में भारी बारिश के कारण बादल फटने और भूस्खलन की दो घटनाओं में एक ही परिवार के सात सदस्यों सहित कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई।
केंद्र शासित प्रदेश में 14 अगस्त से बादल फटने और भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें जम्मू में 130 लोगों की जान चली गई है और 140 लोग घायल हो गए हैं, जबकि 32 तीर्थयात्री अब भी लापता हैं।
रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा शनिवार को पांचवें दिन भी स्थगित रही। कटरा से मंदिर तक के 12 किलोमीटर लंबे घुमावदार रास्ते में मंगलवार को हुए भूस्खलन में 34 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखने और जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को समय पर निकालने का निर्देश दिया है।
जम्मू क्षेत्र में इस सप्ताह की शुरुआत में हुई रिकॉर्ड बारिश ने भारी तबाही मचाई है, सैकड़ों संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और दर्जनों सड़कें एवं पुल बह गए हैं, जिससे प्रमुख राजमार्गों पर यातायात बाधित हो गया और रेल यातायात लगभग ठप हो गया।
जम्मू-कश्मीर में रामबन जिले के खूनी नाला क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे बिचालरी नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया और पानी जमा होने से निचले इलाकों के गांव, खासकर 20 घरों वाले करलाना गांव में अब बाढ़ का खतरा है।
भूस्खलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्राधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले के एक सुदूरवर्ती गांव में शनिवार तड़के भूस्खलन से एक मकान के ढह जाने के कारण एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि माहोरे के बद्दर गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की वजह से एक मकान ढह गया।
उन्होंने बताया कि परिवार के सातों सदस्यों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान नजीर अहमद (38), उसकी पत्नी वजीरा बेगम (35) और उनके बेटों बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (आठ), मोहम्मद मुबारक (छह) और मोहम्मद वसीम (पांच) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि नजीर और उनका परिवार सो रहा था, तभी पहाड़ी ढलान पर स्थित उनका घर भूस्खलन के कारण गिरे मलबे की चपेट में आ गया और वे सभी उसके नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने शवों को मलबे से बाहर निकाला।
रामबन जिले के एक सुदूर गांव में बादल फटने से दो भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला लापता है।
अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ में दो मकान और एक विद्यालय बह गए।
अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित पर्वतीय क्षेत्र राजगढ़ में रविवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई।
रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘स्थानीय स्वयंसेवकों, पुलिस और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) सहित बचावकर्मियों ने तलाश अभियान चलाया और मलबे के नीचे से चार लोगों के शव बरामद किए।’’
उन्होंने बताया कि एक अन्य लापता महिला की तलाश जारी है।
खान और रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण गुप्ता बचाव एवं राहत अभियान की निगरानी के लिए तड़के घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मृतकों की पहचान अश्विनी शर्मा (24), उसके भाई द्वारका नाथ (55), उसकी भतीजी विरता देवी (26) और उनके घर आए मेहमान ओम राज (38) के रूप में की है। ओम राज राजगढ़ के बंशारा का निवासी था। बचावकर्मी शर्मा की भाभी विद्या देवी (55) की तलाश कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी अजय कुमार ने कहा, ‘‘बादल फटने की घटना पहाड़ी की चोटी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास हुई।’’
कुमार ने बताया कि इससे द्रुबला-गुडग्राम गांव में एक स्कूल भवन के अलावा दो घर और एक गौशाला बह गई।
उसने आपदा के बाद त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की सराहना की।
खान ने कहा, ‘‘जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।’’
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने, संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और सुरक्षा संबंधी सलाह का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
अब्दुल्ला ने संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने, एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने और खराब मौसम के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए हर एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में रियासी एवं रामबन में बादल फटने और बारिश से हुए भूस्खलन से हुई तबाही पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, डोडा जिले के भद्रवाह कस्बे में सुबह साढ़े आठ बजे तक सबसे अधिक 51.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद कटरा में 42 मिमी, कठुआ में 32 मिमी और बटोत-रामबन में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने शनिवार रात नौ बजे तक जम्मू, कठुआ, राजौरी, रियासी, डोडा, सांबा और उधमपुर में कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश तथा हल्की बारिश का अनुमान जताया है और कुछ संवेदनशील स्थानों पर अचानक बाढ़ या भूस्खलन की चेतावनी दी है।
भाषा
सिम्मी