भाई की सलाह ने बदल दी प्रतिभाशाली मिडफील्डर राजिंदर की करियर की राह
आनन्द पंत
- 30 Aug 2025, 04:00 PM
- Updated: 04:00 PM
... सौम्योज्योति एस चौधरी ...
राजगीर (बिहार) , 30 अगस्त (भाषा) भारतीय हॉकी में तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहे युवा खिलाड़ी राजिंदर सिंह अगर ऑस्ट्रेलिया में बसे अपने बड़े भाई की सलाह नहीं मानते तो राष्ट्रीय टीम के साथ इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाते।
राजिंदर का करियर जब हॉकी में परवान चढ़ना शुरू हुआ था तब उन्होंने विदेश में पढ़ाई के लिए जरूरी ‘इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (आईईएलटीएस)’ परीक्षा पास करने और अपने भाई के पास ब्रिस्बेन जाने के बारे में सोचा था।
उनके भाई की एक सलाह ने हालांकि उनके इस फैसले को बदलने पर मजबूर कर दिया।
पिछले साल अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले राजिंदर ने एशिया कप के इतर ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा,‘‘ मैंने 2014 में 13-14 साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया था। इससे पहले मैंने कभी हॉकी नहीं खेली थी। मेरा लक्ष्य आईईएलटीएस पास करके विदेश में बसना था। मैंने ऑस्ट्रेलिया जाकर बसने की योजना बनाई थी, लेकिन अब मेरा करियर पूरी तरह बदल गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में बस गये हैं और उन्होंने मुझे हॉकी जारी रखने की सलाह दी, यह 2016-17 की बात है। मैं हॉकी के प्रति गंभीर तब हुआ जब 2016 में हमारे गांव में एस्ट्रो-टर्फ बिछाया गया।’’
इस 22 साल के मिडफील्डर ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझसे कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया जाने का विकल्प हमेशा खुला है, लेकिन पहले तुम अपने जुनून को जारी रखो’।’’
राजिंदर ने पिछले साल अक्टूबर में जर्मनी के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के दौरान सीनियर टीम में पदार्पण पर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था। वह आठ महीने बाद भारतीय सीनियर टीम के अहम सदस्य बन गए।
उन्होंने जूनियर स्तर पर अपने बेहतरीन खेल के बूते 2022 में सुल्तान ऑफ जोहोर कप और 2023 में जूनियर एशिया कप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे गांव में लोग बहुत हॉकी खेलते हैं। सरदार सिंह और गुरमेल मेरे गांव से हैं, इसलिए मैं उन्हें देखकर हॉकी खेलने लगा।’’
राजिंदर अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपना आदर्श मानते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मनप्रीत पाजी और हरमनप्रीत पाजी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। जब मुझसे कोई गलती होती है, तो वे मुझे रास्ता दिखाते हैं। हार्दिक पाजी भी मेरी बहुत मदद करते हैं।’’
उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों से तुलना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैंने इसे सकारात्मक रूप से लिया कि मेरी तुलना कई अनुभवी खिलाड़ियों से की जा रही है। मैं कड़ी मेहनत करने और अपने प्रदर्शन को महत्व देने की कोशिश करता हूं।’’
राजिंदर को टूर्नामेंट जीतने और अगले साल 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने का भरोसा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी तैयारी काफी अच्छी है। एशिया कप से पहले हम ऑस्ट्रेलिया गए थे और वहां कुछ अच्छे, कड़े मैच खेले और हमने वहां काफी अच्छा प्रदर्शन किया। उम्मीद है, हम सभी मैच जीतेंगे और एशिया कप जीतेंगे।’’
इस युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘‘थोड़ा दबाव है लेकिन हम उसके लिए तैयार हैं और हम यहीं से विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने ऑस्ट्रेलिया में कई क्षेत्रों पर काम किया जैसे प्रतिद्वंद्वी टीम के पेनल्टी कॉर्नर का बचाव करना, अपनी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना। हम मौके बना रहे हैं लेकिन हमें उन्हें भुनाने की जरूरत है। हम प्रतिद्वंद्वी टीमों को गोल करने के काम मौके देने पर भी काम कर रहे हैं।
राजिंदर इस साल अच्छी लय में हैं। उन्होंने हॉकी इंडिया लीग 2024-25 सत्र में हैदराबाद तूफान के लिए अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। उनकी फ्रेंचाइजी उपविजेता के रूप में रही।
भाषा आनन्द