असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो बार-बार पाकिस्तान जाते हों: अमित शाह
नेत्रपाल वैभव
- 29 Aug 2025, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 29 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो बार-बार पाकिस्तान जाते हैं।
शाह ने स्पष्ट तौर पर यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों की ओर इशारा करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के दम पर भाजपा नीत राजग अगले साल असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा।
पंचायत प्रतिनिधियों की यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने अगले साल मार्च-अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव के लिए ‘युद्ध का बिगुल’ फूंका और कहा कि राज्य का प्रतिनिधित्व ऐसे नेता नहीं कर सकते जो घुसपैठियों और अतिक्रमणकारियों के प्रति सहानुभूति रखते हों।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में अनेक विकास कार्य किए हैं और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने उस विकास को राज्य के घर-घर तक पहुंचाया है। इन कार्यों की बदौलत, भाजपा के नेतृत्व वाला राजग अगले साल लगातार तीसरी बार असम में सरकार बनाएगा।’’
विपक्षी कांग्रेस की आलोचना करते हुए शाह ने कहा कि असम का नेतृत्व घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले और अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले लोग नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, ‘‘असम का नेतृत्व मोदी और शर्मा करते रहेंगे।’’
गौरव गोगोई के संदर्भ में शाह ने कहा, ‘‘असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो अकसर पाकिस्तान जाते हैं।’’
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमला बोलते रहे हैं। शर्मा ने दावा किया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ने भारत और पाकिस्तान के बीच 19 बार यात्रा की थी।
शाह ने कहा, ‘‘घुसपैठियों ने हमारी हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। भाजपा सरकार ने हर जगह से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया, लेकिन गौरव गोगोई ने इसका विरोध किया... असम सरकार ने घुसपैठियों के अतिक्रमण से 1,29,548 एकड़ जमीन मुक्त कराई है।’’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा ने घुसपैठियों को बाहर निकालकर श्रीमंत शंकरदेव और महापुरुष माधवदेव के सत्रों (वैष्णव मठों) की पवित्रता को बहाल किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के शासनकाल में घुसपैठियों ने श्रीमंत शंकरदेव और महापुरुष माधवदेव के सत्रों की ज़मीन पर अतिक्रमण कर लिया था। अगर गोगोई विरोध भी करते हैं, तो भी भाजपा घुसपैठियों से अतिक्रमित ज़मीन का एक-एक इंच खाली कराएगी। आप (गोगोई) जो चाहें कर सकते हैं, हम नहीं रुकेंगे।’’
शाह ने यह भी दावा किया कि असम में भाजपा सरकार ने घुसपैठियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया, जो ‘‘हमारी बेटियों’’ से शादी करते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘शर्मा सरकार सामाजिक सुधार भी कर रही है। उन्होंने लड़कियों के लिए एक बड़ी शिक्षा योजना शुरू की। वर्तमान में, नौ लाख से ज़्यादा लड़कियां इस छात्रवृत्ति के साथ पढ़ाई कर रही हैं।’’
हाल के ग्रामीण चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के बारे में शाह ने कहा, ‘‘यदि आप असम पंचायतों में कांग्रेस को ढूंढ़ना चाहें तो आप उन्हें दूरबीन से भी नहीं ढूंढ़ पाएंगे। जब शर्मा ने पंचायत चुनावों की घोषणा की और परिणाम घोषित हुए, तो कांग्रेस का सफाया हो गया।’’
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परिसीमन के बाद पहला चुनाव था और असम तथा पूर्वोत्तर में मोदी के विकास युग के कारण पंचायत से लेकर संसद तक हर जगह भाजपा के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
शाह ने कहा, ‘‘यही कारण है कि भाजपा हर बार जीतती है। 1980 के दशक के बाद, इस पंचायत चुनाव का परिणाम 74 प्रतिशत मतदान के साथ आया। असम से, हमारे पास 14 सीट में से 11 लोकसभा सदस्य और पांच राज्यसभा सदस्य हैं। भाजपा ने 2021 के बाद हुए सभी 11 उपचुनाव जीते हैं। हमने कार्बी आंगलोंग, उत्तरी कछार हिल्स और राभा-हसोंग में स्वायत्त परिषद चुनाव जीते हैं।’’
मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की प्रशंसा करते हुए भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे पूर्वोत्तर का विकास किया है।
शाह ने कहा, ‘‘मोदी ने अहोम सेनापति लाचित बरफुकन के बारे में सबको बताया। उन्होंने लाचित बरफुकन की 125 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की और उनकी जीवनी का 23 भाषाओं में अनुवाद किया। अब बच्चा-बच्चा उनके बारे में जानता है।’’
उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में असम में शांति लौट आई है।
शाह ने उपस्थित लोगों से कहा कि 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार डाल दिए हैं और क्षेत्र में कई उग्रवादी संगठनों के साथ कई शांति समझौते किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे न केवल असम में, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में शांति आई है। एडवांटेज असम शिखर सम्मेलन में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें से 1.4 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर काम शुरू हो चुका है। जागीरोड में टाटा द्वारा स्थापित 27,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर फैक्टरी असम के विकास के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाली है।’’
शाह ने यह भी कहा कि शर्मा सरकार ने एक लाख नौकरियों के वादे के विपरीत, बिना किसी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के चार साल में 1.21 लाख युवाओं को नियुक्त किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगले साल राज्य में चुनाव होने तक यह आंकड़ा 1.5 लाख तक पहुंच जाएगा।’’
शाह ने कहा, ‘‘एक समय कांग्रेस ने असम को अलविदा कह दिया था, अब मोदी और शर्मा असम को सर्वांगीण विकास के जरिए नयी ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।’’
भाषा नेत्रपाल