भाजपा ने कर्नाटक सरकार से पूछा : ‘दशहरा का उद्घाटन बानू मुश्ताक से क्यों, दीपा से क्यों नहीं?’
जितेंद्र अविनाश
- 28 Aug 2025, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
बेंगलुरु, 28 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने बृहस्पतिवार को विश्व प्रसिद्ध ‘मैसुरु दशहरा 2025’ के उद्घाटन समारोह से लेखिका दीपा भास्ती को बाहर रखने के कांग्रेस सरकार के फैसले पर सवाल उठाया।
दीपा भास्ती और साहित्यकार बानू मुश्ताक दोनों को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया था।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बानू मुश्ताक द्वारा मैसुरु दशहरा 2025 समारोह का उद्घाटन किये जाने की घोषणा की थी, जिसके बाद विजयेंद्र की यह टिप्पणी आई है।
बानू मुश्ताक का कहानी संग्रह ‘हार्ट लैंप’ ने 2025 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता है, जिसका दीपा भास्ती ने कन्नड़ से अंग्रेजी में अनुवाद किया है।
दोनों को मई में लंदन में एक समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
विजयेंद्र ने पूछा, “जब बानू मुश्ताक के साथ दीपा भास्ती को भी अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार दिया गया, तो सिर्फ बानू मुश्ताक को ही क्यों? सिद्धरमैया को ऐसा क्यों नहीं लगा कि दोनों लेखकों को आमंत्रित किया जाना चाहिए?”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “बेशक, हम साहित्य के क्षेत्र में बानू मुश्ताक के कार्य का सम्मान करते हैं। हम दीपा भास्ती का भी सम्मान करते हैं। दशहरा का उद्घाटन सिर्फ बानू मुश्ताक को ही क्यों, दीपा भास्ती को उनके साथ क्यों नहीं? अगर इस मामले में कोई राजनीति कर रहा है, तो वह कांग्रेस पार्टी, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार हैं, भाजपा नहीं।”
मैसुरु में दशहरा उत्सव 22 सितंबर से शुरू होगा और दो अक्टूबर को ‘विजयादशमी’ पर समाप्त होगा।
विजयेंद्र ने दशहरा के उद्घाटन के लिए बानू मुश्ताक को आमंत्रित किए जाने पर भाजपा की आपत्ति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, “समस्या भाजपा के साथ नहीं बल्कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की मानसिकता से है।”
उन्होंने कहा, “हाल ही में मैंने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का चामुंडी पहाड़ी पर दिया बयान पढ़ा।”
विजयेंद्र ने कहा, “आजकल कांग्रेस नेताओं के बयान, उनके हर बयान में हिंदू समुदाय, रीति-रिवाजों, परंपराओं और मान्यताओं का अपमान किया जाता है।”
इस बीच कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने देवी चामुंडेश्वरी और चामुंडी पहाड़ियों को लेकर विवादित बयान देने के लिए उपमुख्यमंत्री शिवकुमार से माफी मांगने को कहा।
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा था कि चामुंडी पर्वत और देवी चामुंडेश्वरी हर धर्म के लोगों की हैं और यह केवल हिंदुओं की संपत्ति नहीं हैं।
चामुंडी पर्वत पर प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी देवी मंदिर स्थित है।
अशोक ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है, जिसकी शुरुआत विधानसभा गलियारों में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने से हुई।
अशोक ने कहा, “डीके शिवकुमार कहते हैं कि देवी चामुंडेश्वरी हिंदुओं की संपत्ति नहीं है। क्या यह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है? इसे लिखित में दें।”
पूर्व मंत्री ने कहा कि यदु वंश के उत्तराधिकारी, मैसुरु महाराजा, देवी चामुंडेश्वरी को अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते रहे हैं और यह मंदिर एक ‘शक्ति पीठ’ है, जो देवी पार्वती को समर्पित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन तथ्यों के बावजूद कांग्रेस सरकार मुसलमानों को खुश करने के लिए यह कह रही है कि चामुंडी पहाड़ियां और चामुंडेश्वरी हिंदुओं की संपत्ति नहीं हैं।
अशोक ने कहा, “मैं उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से माफी की मांग करता हूं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि चामुंडी पहाड़ियां और देवी चामुंडेश्वरी हिंदुओं की संपत्ति नहीं हैं। अगर हिंदुओं की नहीं, तो फिर यह किसकी संपत्ति है? आपने देवी चामुंडेश्वरी का अपमान किया है।”
उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार वक्फ संपत्तियों और ईसाई संपत्तियों को सभी की संपत्ति मानती है।
भाषा जितेंद्र