केरल के मुख्यमंत्री और वामपंथी सरकार वैश्विक अय्यप्पा संगमम के जरिए राजनीति कर रही है: भाजपा
जोहेब माधव
- 28 Aug 2025, 05:24 PM
- Updated: 05:24 PM
तिरुवनंतपुरम, 28 अगस्त (भाषा) भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और माकपा सरकार आगामी वैश्विक अयप्पा संगमम कार्यक्रम के मामले पर राजनीति कर रही है।
त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) अपनी 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पथानामथिट्टा जिले के पंपा में कार्यक्रम का आयोजन करेगा।
इससे पहले चंद्रशेख ने कहा था कि भाजपा इस कार्यक्रम में विजयन और उनके तमिलनाडु समकक्ष एमके स्टालिन की भागीदारी का विरोध करेगी।
इसके जवाब में, विजयन ने कहा था कि भाजपा की "धमकियां" इस कार्यक्रम को होने से नहीं रोक पाएंगी।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को यहां अपने और पार्टी के रुख पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी यह दावा नहीं किया कि मैं कोई राजनीतिक विद्वान हूं। मेरे पास बस थोड़ी-बहुत व्यावहारिक समझ है। मैं एक मेहनती व्यक्ति हूं, जो आम लोगों की समस्याओं को समझता है। मैं हिंदू धर्म में आस्था रखता हूं। मैं सबरीमला की 18 पवित्र सीढ़ियों पर 18 बार चढ़ चुका हूं और वहां प्रार्थना कर चुका हूं। इसलिए, सबरीमला और कुछ अन्य मामलों के बारे में मैं शुरू में ही कहना चाहता हूं कि मुझे कुछ जानकारी है।”
चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम में स्टालिन के शामिल होने की खबरें देखीं और सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा, “हमारे मुख्यमंत्री ने कल इस संबंध में पांच बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल अयप्पा संगमम के आयोजन के पीछे कोई राजनीति नहीं है। लेकिन अगर यह राजनीति नहीं है, तो क्या है? अगर यह राजनीति नहीं है, तो देवस्वओम बोर्ड के अध्यक्ष चेन्नई क्यों गए? फिर स्टालिन को क्यों बुलाया गया? वह भगवान अयप्पा के भक्त कब से बन गए? यह राजनीति है। लोग इसे साफ तौर पर राजनीति ही मानते हैं। यह चुनाव से ठीक चार महीने पहले सिर्फ एक राजनीतिक नाटक है।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वह इस आयोजन का विरोध नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अगर देवस्वओम इसका आयोजन कर रहा है, तो करने दीजिए। लेकिन पिछले दस सालों से इसी देवस्वओम ने सबरीमला में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधा भी मुहैया नहीं कराई है। अब, चुनाव से ठीक पहले, वे अयप्पा संगमम का आयोजन कर रहे हैं। हमने इस बारे में कुछ नहीं कहा।”
चंद्रशेखर ने अपना रुख दोहराते हुए कहा, “हिंदुओं को वायरस कहने वाले स्टालिन और अयप्पा के भक्तों को धोखा देने वाले माकपा के मुख्यमंत्री को वहां नहीं जाना चाहिए। मैं यहां बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री आस्तिक नहीं हैं, वह नास्तिक हैं। लेकिन मैं एक हिंदू आस्तिक हूं। हमारी पार्टी में हिंदू, ईसाई और मुसलमान हैं और उनमें से 99 प्रतिशत आस्तिक हैं।
भाषा जोहेब