पाकिस्तान के पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही से निपटने के लिए सेना तैनात
सुरेश माधव
- 27 Aug 2025, 09:52 PM
- Updated: 09:52 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 27 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान सरकार ने पंजाब प्रांत में बाढ़ से हुई तबाही से निपटने में मदद के लिए औपचारिक रूप से सेना बुला ली है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गयी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब देश का सबसे बड़ा प्रांत पंजाब, भारी बारिश और भारत द्वारा दो बांधों से छोड़े गए पानी के कारण अभूतपूर्व बाढ़ की आपात स्थिति का सामना कर रहा है।
इस साल मानसून की बारिश और बाढ़ के कारण पाकिस्तान में 800 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार द्वारा बचाव और राहत कार्यों के लिए केंद्र से मदद मांगने के बाद प्रांत में सेना की तैनाती के बारे में एक अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार, ‘‘सरकार किसी भी अप्रिय घटना से बचने और बाढ़ प्रभावितों को बचाने के लिए हाफिजाबाद जिले (यदि आवश्यकता पड़े तो पंजाब प्रांत के किसी भी अन्य ज़िले सहित) में नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में पाकिस्तानी सेना के जवानों की तैनाती को अधिकृत करती है।’’
एक दूसरी अधिसूचना में कहा गया है कि सेना के जवानों को प्रांत के सरगोधा, लाहौर, ओकारा, फैसलाबाद, सियालकोट, नरोवाल और कसूर जिलों में तैनात किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब प्रांत में हज़ारों लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों के दौरान सेना नियमित रूप से नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए आगे आती है। सेना के जवान देश के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के साथ-साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में भी मदद कर रहे हैं, जहां बारिश और अचानक आई बाढ़ ने कहर बरपाया है।
सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने मीडिया को बताया कि पीओके में राहत और बचाव कार्यों में अन्य सैनिकों के अलावा दो इंजीनियर इकाइयां, एक चिकित्सा बटालियन और एक पैदल सेना बटालियन भी काम कर रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक इंजीनियर ब्रिगेड, दो इंजीनियर इकाइयां, चार पैदल सेना इकाइयां, एक शहरी खोज एवं बचाव दल और एक चिकित्सा बटालियन सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘काफी मशक्कत के बाद, सभी प्रमुख सड़कें साफ कर दी गई हैं।’’
उन्होंने आगे बताया कि सेना करतारपुर साहिब में नावों के साथ एक "बड़ा बचाव अभियान" चला रही है और अगर मौसम साफ रहा तो सेना के विमान बचाव अभियान में शामिल होंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा, ‘‘इस समय नागरिक प्रशासन के साथ पाँच इंजीनियर नावें बचाव अभियान का हिस्सा हैं।’’
मौसमी बारिश 26 जून से शुरू हुई थी और अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के कम से कम आठ दौर आ चुके हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, लगातार बारिश के साथ आई बाढ़ ने देश के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 809 लोगों की जान ले ली और 1,100 अन्य घायल हो गए।
एनडीएमए के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल इनाम हैदर मलिक ने कहा कि पाकिस्तान इस समय मानसून के आठवें चरण में है।
एनडीएमए के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र ने आगामी सप्ताहांत में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जो अगले सप्ताह की शुरुआत तक जारी रहेगी।
भाषा सुरेश