तीनों सेनाओं की एकीकृत 'थिएटर' कमान का मसला खुलेपन से सुलझाएंगे : सीडीएस
जितेंद्र नरेश
- 27 Aug 2025, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
महू (मध्यप्रदेश), 27 अगस्त (भाषा) प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को कहा कि तीनों सेनाओं की एकीकृत 'थिएटर' कमान की योजना को लेकर सेना में व्याप्त ‘असहमति’ को राष्ट्र के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए दूर किया जाएगा।
सीडीएस ने यह टिप्पणी तीनों सेनाओं की संयुक्त संगोष्ठी 'रण संवाद 2025' के दौरान एकीकृत 'थिएटर' कमान की योजना को लेकर दो बलों के प्रमुखों के अलग-अलग विचार सामने आने के बाद की।
संगोष्ठी के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस योजना पर जल्दबाजी में आगे बढ़ने के प्रति मंगलवार को आगाह किया था और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में शीर्ष सैन्य अधिकारियों वाला एक संयुक्त योजना और समन्वय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था।
दूसरी ओर, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को कहा कि उनका बल एकीकृत 'थिएटर' कमान के लक्ष्य के अनुरूप देश की थल सेना और वायु सेना के साथ अपनी कमान और नियंत्रण, संचार और युद्ध क्षमताओं का तालमेल बैठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनरल चौहान ने महू के आर्मी वॉर कॉलेज में दो दिवसीय संगोष्ठी 'रण संवाद 2025' के समापन सत्र में कहा,"बतौर सीडीएस मैंने वास्तव में तीनों सेनाओं के बीच एकजुटता को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। आज मैं खुशी और विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हम बेहद अनुकूल माहौल में विभिन्न विचारों के प्रति खुलेपन के साथ अपने मतभेदों के बारे में बात कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा,"तीनों सेनाओं के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन फिर भी हम उस बिंदु पर ध्यान दे सकते हैं। मुझे लगता है कि यह बात बहुत महत्वपूर्ण है।"
सरकार ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए 2019 में एकीकृत 'थिएटर' कमान की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, इसे लागू करने की दिशा में कोई स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है।
सीडीएस जनरल चौहान ने इस योजना पर पूर्व सैनिकों के अलग-अलग विचारों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा,‘‘दरअसल वे अपने क्षेत्रों की रक्षा करने की और भी बड़ी इच्छा रखते हैं। मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छा संकेत है। इसलिए यदि आपको किसी प्रकार की असहमति का आभास हुआ है, तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में इसका समाधान करेंगे।"
जनरल चौहान ने कहा कि मसलों के समाधान के लिए सर्वोत्तम प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में कहा,"एकीकरण के स्तरों और चीजों को तेजी से आगे बढ़ाकर इन्हें उच्च स्तर पर ले जाने की आवश्यकता के बारे में कुछ प्रश्न थे। आप आश्वस्त रहें कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।"
जनरल चौहान ने यह भी कहा कि एकीकृत कमान स्थापित करने की योजना को लेकर लगभग 10 साल पहले ही कोशिशें शुरू कर दी जानी चाहिए थीं। उन्होंने कहा,"हम थोड़े विलंब से चल रहे हैं, लेकिन हमें इस विशेष अंतर को तेजी से पाटना होगा।"
एकीकृत 'थिएटर' कमान की योजना के तहत सरकार थलसेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एकीकृत करना चाहती है और युद्धों तथा सैन्य अभियानों के लिए उनके संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहती है।
योजना के अनुसार प्रत्येक ‘थिएटर’ कमान में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां होंगी और ये सभी इकाइयां किसी तय भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकीकृत दस्ते के रूप में काम करेंगी।
वर्तमान में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमान हैं।
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