केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने ‘जीएसटी राजस्व हानि’ पर प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
रंजन माधव
- 27 Aug 2025, 05:09 PM
- Updated: 05:09 PM
तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन राज्यों की चिंताओं को दूर करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की, जिन्हें केंद्र की ओर से जीएसटी दर संरचना में संशोधन करने पर राजस्व हानि का सामना करना पड़ सकता है।
विजयन ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री से केरल के संभावित राजस्व नुकसान का आकलन करने और प्रस्तावित जीएसटी सुधारों के तहत मुआवजा प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य की चिंताओं को उजागर करते हुए पहले ही मोदी को पत्र लिख चुके है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र सरकार को जीएसटी दरों में संशोधन करते समय राजस्व हानि का सामना कर रहे राज्यों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच जीएसटी राजस्व का 50:50 अनुपात में बंटवारा होने के कारण राज्य सरकारों के राजस्व में कमी आई है।
केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने मंगलवार को चेताया था कि प्रस्तावित सुधारों का ‘आजादी के बाद से सार्वजनिक वित्त पर सबसे बुरा असर’ पड़ सकता है। विजयन की टिप्पणी इसके एक दिन बाद आयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने जीएसटी दर संरचना की समीक्षा की घोषणा की थी । विजयन ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्रियों की समिति में इस पर चर्चा पहले से ही हो रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक जल्द ही होने की उम्मीद है।
विजयन ने कहा, ‘‘जीएसटी दर संशोधन लागू होने के बाद राज्य को होने वाले राजस्व नुकसान को लेकर गहरी चिंता है।’’
हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी उपाय का स्वागत किया जो आवश्यक वस्तुओं पर करों में कटौती करके आम लोगों पर बोझ कम करे।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान से गरीबों और कमज़ोर वर्गों के लिए कल्याणकारी पहलों में बाधा आएगी। इसलिए, राज्यों को मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।’’
प्रधानमंत्री को लिखे अपने नवीनतम पत्र में, विजयन ने, बिना तारीख बताए, यह भी आग्रह किया कि कम कर दरों का लाभ वस्तुओं और सेवाओं की कम कीमतों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रमुख सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में राज्यों की व्यय बाध्यताओं की तुलना में उनकी राजस्व-संकलन क्षमता पहले से ही सीमित है, और खुले बाजार से उधारी पर प्रतिबंध, संसाधन जुटाने में और बाधा डालते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में, जीएसटी दर संशोधन के कारण अचानक राजस्व हानि राज्यों की वित्तीय स्थिति को और कमजोर कर देगी। इस नुकसान का आकलन और क्षतिपूर्ति करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, जीएसटी दर में संशोधन करते समय राज्य के राजस्व नुकसान का आकलन करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।’’
उन्होंने आगे कहा कि पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए । विजयन ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से इसमें तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
बालगोपाल ने मंगलवार को कहा कि केरल को मौजूदा घाटे के अलावा कर राजस्व में 8,000-9,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गिरावट ‘‘कई सामाजिक कल्याणकारी उपायों’’ पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिसमें लाइफ हाउसिंग परियोजना और सरकार की मुफ़्त बीमा योजना शामिल है, जिससे वर्तमान में 42 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
भाषा रंजन