नौसेना की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं, आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल : राजनाथ सिंह
प्रशांत सुरेश
- 26 Aug 2025, 06:23 PM
- Updated: 06:23 PM
विशाखापत्तनम, 26 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि नौसेना की भूमिका केवल समुद्र की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक सुरक्षा का भी एक प्रमुख स्तंभ है, क्योंकि तेल, प्राकृतिक गैस जैसी भारतीय ऊर्जा आवश्यकताएं काफी हद तक क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर करती हैं।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि देश ने सीमा पार सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर प्रभावी और सटीक जवाब दिया।
पूर्वी नौसेना कमान में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि के जलावतरण के बाद सिंह ने कहा कि भारत कभी भी आक्रामक विस्तारवाद में विश्वास नहीं करता है और पूरी दुनिया जानती है कि उसने पहले कभी किसी देश पर हमला नहीं किया।
हालांकि, जब इसकी सुरक्षा पर हमला होता है, तो भारत जानता है कि कैसे जवाब देना है।
सिंह ने कहा, ‘‘यहां की भू-रणनीतिक स्थिति ऐसी है कि ये हमारे आर्थिक विकास को भी सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखती है। हमारी ऊर्जा जरूरतें, तेल, प्राकृतिक गैस, सभी काफी हद तक इस क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर हैं। इसलिए, नौसेना की भूमिका केवल समुद्र की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा का भी एक प्रमुख स्तंभ है।’’
रक्षा मंत्री ने दो नये युद्धपोतों के बारे में कहा कि आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत, पहुंच और लचीलापन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा, “आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि का जलावतरण आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सपने के सच होने जैसा है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ये दोनों युद्धपोत देश की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होंगे।”
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना न केवल तटीय क्षेत्रों की रक्षा करती है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि भी बनाए रखती है।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले पर राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी। इस हमले में भारतीय पर्यटक मारे गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे निर्दोष लोगों पर हमला हमारे लिए एक चुनौती थी, लेकिन भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिये इसका प्रभावी और सटीक जवाब दिया।
भारत ने आतंकी ढांचे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया।
रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं कहना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, बस रुका हुआ है।”
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