केवल बसपा ही भाजपा को रोक सकती, उम्मीदवारों का चयन योग्यता के आधार पर : आकाश आनंद
धीरज माधव
- 03 May 2024, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने पार्टी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘बी टीम’ होने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि केवल उनकी पार्टी ही केंद्र में सत्तारूढ़ दल का विजय रथ रोक सकती है।
बसपा सुप्रीमो मायावती के उत्तराधिकारी आनंद ने ‘पीटीआई-भाषा’को दिए साक्षात्कार में पिछले सप्ताह सीतापुर की चुनावी रैली में दिए गए अपने बयान से भी पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ‘बहुजन’ कभी अपनी मांगों को लेकर नहीं झुकते क्योंकि वे कभी अपने संघर्ष में गलत नहीं रहे हैं।
बसपा इस लोकसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है लेकिन आनंद ने कहा कि उनकी पार्टी के समक्ष किसी भी सरकार में शामिल होने का विकल्प खुला है, बशर्ते वह इससे अपने समुदाय की सार्थक सेवा करने में सक्षम हो।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई भाजपा को रोक सकता है तो वह बहुजन समाज पार्टी और आदरणीय बहन जी (मायावती) है। बसपा के अलावा कोई और राजनीतिक दल नहीं है जो भाजपा को रोक सकता है।’’
आनंद ने कहा कि पूर्व के चुनाव में देखी गई प्रवृत्ति है कि जब भी बसपा उत्तर प्रदेश में अच्छा करती है, भाजपा को सीट का नुकसान होता है और बसपा का प्रदर्शन खराब होता है तो भाजपा को लाभ होता है।
बसपा ने 2014 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में 19 प्रतिशत मत प्राप्त किया था लेकिन उसे एक सीट पर भी जीत नहीं मिली थी जबकि भाजपा 72 सीट पर विजयी हुई थी। वहीं, 2019 के चुनाव में बसपा ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया था और 10 सीट पर जीत दर्ज की थी और भाजपा को 64 सीट पर सीमित किया था।
हाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा का मत प्रतिशत घटकर करीब 13 प्रतिशत रह गया और वह सिर्फ एक सीट ही जीत सकी जबकि भाजपा के खाते में 255 सीट गई।
आनंद ने कहा,‘‘इसे कहने का सही तरीका यह है कि केवल बसपा ही है जो भाजपा को रोक सकती है।’’
आनंद ने बसपा के भाजपा की ‘बी-टीम’ होने के दावों का भी खंडन किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक दुष्प्रचार है जो पिछले कुछ सालों से किया जा रहा है। हमने ज़मीन पर इसका प्रतिकार किया है। बहन जी भी इस बारे में बात कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें भाजपा से कुछ हासिल नहीं हो रहा है इसलिए उसकी मदद करने का कोई कारण नहीं है। हम पिछड़े और गरीब समुदाय के लोगों और उनके जातीय संयोजन देखकर उम्मीदवार खड़े करते हैं।’’
बसपा ने उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर और और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई धमेंद्र यादव की आजमगढ़ सीट शामिल है।
आनंद ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि हमने जो उम्मीदवार वहां खड़े किए हैं, वे उस निर्वाचन क्षेत्र में काम करने के लिए उपयुक्त होंगे। हमें चिंता नहीं है कि कौन चुनाव लड़ रहा है, चाहे वह धर्मेंद्र यादव हों या कोई और। हमें लगता है कि वह सक्षम नहीं हैं, इसीलिए हमने वहां एक मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।’’
उन्होंने कहा कि अतीत में गठबंधन से पार्टी के मत प्रतिशत में वृद्धि नहीं हुई और इसलिए उसने 2024 का आम चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया।
आनंद ने कहा, ‘‘अगर हम सरकार में रहने और लोगों की सार्थक सेवा करने की स्थिति में होंगे तो हम सरकार को समर्थन देंगे।’’
सीतापुर में पिछले सप्ताह आयोजित एक चुनावी रैली में दिए गए भाषण को लेकर आनंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस बारे में पूछे जाने पर 28 वर्षीय युवा नेता ने सत्तारूढ़ दल के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया।
आनंद ने कहा,‘‘पूरा बहुजन समाज मजबूती से खड़ा है, कभी डगमगाया नहीं, अपने अधिकारों के लिए लड़ा और कभी झुका नहीं। अगर मेरा समाज अडिग रहेगा, तो मैं कैसे झुक सकता हूं? अगर कोई गलती हुई है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगूंगा।’’
सीतापुर में एक चुनावी रैली में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में आनंद और चार अन्य के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
आनंद ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को ‘बुलडोजर सरकार’ और ‘देशद्रोहियों की सरकार’ बताया था।
भाषा धीरज