नीरू ने ट्रैप में स्वर्ण, भवनीश ने रजत और आशिमा ने कांस्य जीता, भारतीय जूनियर महिलाओं ने मारी बाजी
पंत सुधीर
- 25 Aug 2025, 08:26 PM
- Updated: 08:26 PM
शिमकेंट, 25 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय खेलों की चैंपियन नीरू ढांडा ने सोमवार को यहां एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि अन्य भारतीय खिलाड़ियों में भवनीश मेंदिरत्ता ने रजत और आशिमा अहलावत ने कांस्य पदक हासिल किया।
नीरू ने फाइनल में 43 अंक बनाकर कतर की बासिल रे (37) और आशिमा (29) को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया।
पुरुषों के ट्रैप फ़ाइनल में भवनीश मेंदिरत्ता ने 45 अंक बनाकर रजत पदक जीता। चीन के निशानेबाज़ यिंग की (47) और पेंग्यू चेन (35) ने क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीते। भवनीश क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे थे, जबकि कायनन चेनाई 15वें स्थान पर रहे। लक्ष्य श्योराण 41वें स्थान पर रहे।
इससे पहले दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय निशानेबाज मनु भाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही जबकि जूनियर वर्ग में भारतीयों का दबदबा रहा ।
नीरू, आशिमा और प्रीति रजक ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में 319 अंक के साथ टीम स्वर्ण पदक भी जीता। भारतीय टीम चीन और कुवैत से आगे रही।
नीरू और आशिमा ने शूट-ऑफ के बाद क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहकर छह महिलाओं के फाइनल में प्रवेश किया।
नीरू भारतीय ट्रैप निशानेबाज लक्ष्य श्योराण की चचेरी बहन हैं और उन्हें खेलते हुए देखने के बाद उन्होंने इस खेल को अपनाया।
महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्टल में भारत की ही ईशा सिंह आठ महिलाओ के फाइनल में छठे स्थान पर रही । मनु ने 25 स्कोर किया और तीसरे स्थान पर रही वियतनाम की तू विन्ह त्रिन्ह से चार अंक पीछे रही ।
महिला जूनियर 25 मीटर पिस्टल फाइनल में भारत की पायल खत्री को 36 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक मिला जबकि नाम्या कपूर (30) ने रजत और तेजस्विनी (27) ने कांस्य पदक जीता । इन तीनों ने 1700 अंक के साथ टीम वर्ग में भी रजत पदक अपने नाम किया । कोरिया को स्वर्ण और कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला ।
नाम्या और तेजस्विनी क्वालीफिकेशन में पहले दो स्थान पर रही जबकि पायल छठे स्थान पर रही थी ।
इससे पहले सीनियर वर्ग में चीन की यूयू झांग ने स्वर्ण और जियारूइशुआन शियाओ ने रजत पदक जीता ।
मनु, ईशा और सिमरनप्रीत कौर बरार की भारतीय तिकड़ी ने 1749 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया । वे चीन और दक्षिण कोरिया से पीछे रहे ।
ईशा क्वालीफिकेशन में शीर्ष रही थी जबकि मनु चौथे स्थान पर रही थी ।
भाषा मोना
पंत