एआई का सतर्कतापूर्ण उपयोग किया जाए: केंद्रीय मंत्री खट्टर
नेत्रपाल अविनाश
- 25 Aug 2025, 08:24 PM
- Updated: 08:24 PM
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने सोमवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के ‘‘सतर्कतापूर्ण’’ उपयोग का सुझाव देते हुए कहा कि इससे समाधान तो मिल सकता है, लेकिन इससे नुकसान भी हो सकता है।
वह वीर विट्ठलभाई पटेल के दिल्ली विधानसभा के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष बनने के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय ‘‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेन्स’’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपनाने के कई लाभ हैं, लेकिन मुख्य लक्ष्य शासन-प्रशासन के प्रति जनता में विश्वास पैदा करना है। प्रौद्योगिकी जहां कई समाधान प्रदान करती है, वहीं हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि इसे ‘भस्मासुर’ न बनने दें, जिससे यह हमारे लिए हानिकारक हो जाए।’’
खट्टर ने कहा कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है, जोखिम भी बढ़ रहे हैं और साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल और उनके द्वारा शुरू की गई तकनीकी प्रगति का उदाहरण भी दिया, जैसे कि शासन में ‘सीएम विंडो’ प्रणाली, जिसके माध्यम से जनता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है।
वर्तमान में केंद्रीय आवास मंत्री खट्टर ने कहा, ‘‘2014 में, मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, मैं अपने आवास और सचिवालय के बाहर कागजात लिए लोगों की भीड़ देखता था। हम एक समाधान लेकर आए, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति इस ऑनलाइन विंडो प्रणाली के माध्यम से कागजात जमा कर सकता है और संबंधित विभागों द्वारा इसकी समीक्षा की जाएगी। प्राप्त 13 लाख आवेदनों में से 11.5 लाख का निपटारा कर दिया गया।’’
इस सत्र में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित थे, जिन्होंने ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा उठाए गए प्रौद्योगिकी-संचालित कदमों की सराहना की।
सिंधिया ने दिल्ली विधानसभा को कागज रहित और पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही कह चुके हैं, भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतांत्रिक भारत की नींव इसी ऐतिहासिक परिसर में प्रथम अध्यक्ष वीर विट्ठलभाई पटेल ने रखी थी। हमारे पूर्वजों ने बहुत त्याग किया है। देश की समृद्धि और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी जिम्मेदारी है।’’
भाषा नेत्रपाल