उप्र सरकार अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के नाम पर छात्रवृत्ति शुरू करेगी: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
किशोर जफर संतोष
- 25 Aug 2025, 06:52 PM
- Updated: 06:52 PM
लखनऊ, 25 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के नाम पर एक नई छात्रवृत्ति शुरू करने की घोषणा की। शुक्ला किसी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन में भाग लेने वाले राज्य के पहले व्यक्ति हैं।
आदित्यनाथ ने कहा कि यह छात्रवृत्ति अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के छात्रों को सहायता प्रदान करेगी। यह घोषणा शुक्ला के सम्मान समारोह के दौरान की गई, जो ऐतिहासिक ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में रहने के बाद हाल ही में लौटे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ऐसे अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनने वाले उत्तर प्रदेश के पहले नागरिक हैं, इसलिए हम अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के इच्छुक छात्रों के लिए उनके नाम पर एक छात्रवृत्ति शुरू करेंगे।"
आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में अंतरिक्ष शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है।
उन्होंने कहा, ‘‘चार साल पहले, उत्तर प्रदेश में कोई भी विश्वविद्यालय या संस्थान अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में कोई पाठ्यक्रम, डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाणपत्र प्रदान नहीं करता था। आज गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय और एकेटीयू जैसे संस्थानों के साथ-साथ एक दर्जन से अधिक तकनीकी संस्थानों ने इस क्षेत्र में डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। यह हमारे संस्थानों की भारत की विकास गाथा में सक्रिय योगदान देने की इच्छा को दर्शाता है।"
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए उभरते वैज्ञानिक क्षेत्रों में प्रतिभाओं को पोषित करने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सफलता केवल आज या कल के लिए नहीं है, यह भारत की गहन वैज्ञानिक विरासत का विस्तार है। अपने युवाओं के लिए नए रास्ते खोलकर, हम अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के नेतृत्व को मजबूत करेंगे।"
आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिवसीय मिशन के दौरान शुक्ला के योगदान की सराहना की, जहां इस अंतरिक्ष यात्री ने 60 से अधिक प्रयोगों में भाग लिया, जिनमें से कई भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘शुभांशु का अनुभव भारतीय शोधकर्ताओं की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ उनका मार्गदर्शन करेगा। मैं उनका, उनकी पत्नी कामना, उनके माता-पिता और उनके परिवार का हार्दिक स्वागत करता हूं। उनकी यात्रा न केवल लखनऊ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।’’
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण में राज्य के युवाओं के लिए और अधिक अवसर सृजित करने के लिए इसरो के साथ सहयोग करने में उत्तर प्रदेश की रुचि को व्यक्त किया।
भाषा किशोर जफर