क्या प्रधानमंत्री मोदी आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा खत्म करेंगे : राहुल गांधी
प्रशांत अमित
- 03 May 2024, 10:47 PM
- Updated: 10:47 PM
पुणे, तीन मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि क्या वह देश में आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म करेंगे और कहा कि उनकी पार्टी की ‘न्याय’ गारंटी भविष्य की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
पुणे लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार रवींद्र धांगेकर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विचारधारा की दृष्टि से महाराष्ट्र एक “कांग्रेसी राज्य” है और उन्हें यहां आना पसंद है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने कहा कि अगर संविधान बदल दिया गया तो भारत की पहचान खत्म हो जाएगी। उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी जी इस पर बोलेंगे कि क्या वह देश में आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा खत्म करेंगे?’’
गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी ‘जाति जनगणना’ कराने के लिए प्रतिबद्ध है और दोहराया कि वह आरक्षण पर “कृत्रिम” 50 प्रतिशत की सीमा को हटा देगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस सीमा से करोड़ों लोगों को परेशानी होती है और इसे “खत्म कर दिया जाएगा”।
उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई संविधान बचाने की है। मोदीजी, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उस संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बाबा साहब आंबेडकर ने तैयार किया था और जो महात्मा फुले, महात्मा गांधी और पंडित नेहरू की विचारधाराओं को दर्शाता है।”
उन्होंने सभा में कहा कि यह संविधान है जो गरीबों, वंचितों और पिछड़ों को अधिकार देता है और अगर यह नहीं है तो “आपके पास जो कुछ भी है वह 22-25 लोगों के पास चला जाएगा।”
गांधी ने कहा, “उनके नेता संविधान बदलने, आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं। लेकिन कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी। देश में 15 प्रतिशत दलित, 8 प्रतिशत आदिवासी और 50 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग है। अतः तीनों वर्गों की संचयी आबादी 73 प्रतिशत है।”
उन्होंने कहा कि लेकिन कॉर्पोरेट और अन्य क्षेत्रों में उनका प्रतिनिधित्व नगण्य है। कांग्रेस नेता गांधी ने कहा कि मीडिया किसानों, मजदूरों, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के बारे में बात नहीं करता है बल्कि मशहूर हस्तियों, अमीरों और शक्तिशाली लोगों की शादियों पर ध्यान केंद्रित करता है।
गांधी ने कहा कि यही कारण है कि कांग्रेस जाति जनगणना, आर्थिक सर्वेक्षण और हर संस्थान का सर्वेक्षण कराएगी। उन्होंने कहा, “इस कवायद से हम मीडिया, कॉरपोरेट, निजी अस्पतालों, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का पता लगाएंगे। इससे सबकुछ एकदम साफ हो जाएगा। यह एक क्रांतिकारी कदम होगा जैसा इस देश में पहले कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “उच्चतम न्यायालय ने चुनावी बॉण्ड योजना को अवैध बताया। मोदीजी का दावा है कि वह राजनीति को स्वच्छ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि आप राजनीति को शुद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं तो आप दानदाताओं के नाम क्यों छिपा रहे हैं। मीडिया चुनावी बॉण्ड योजना के बारे में नहीं बोल रहा है।”
चुनावी बॉण्ड योजना का जिक्र करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी ने देश के सामने “घोटाला” किया है।
गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने देश के 22 सबसे अमीर व्यक्तियों का कर्ज माफ करके उन्हें 16 लाख करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि इस राशि से 24 बार किसानों का कर्ज माफ हो सकता था और यह 24 वर्षों के मनरेगा के बजट के बराबर है।
उन्होंने दावा किया कि सिर्फ 22 लोगों के पास देश के 70 करोड़ लोगों के बराबर संपत्ति है। उन्होंने कहा, “जाति जनगणना लोगों को उनकी वास्तविकता से अवगत कराएगी। मोदी खुद को ओबीसी कहते हैं लेकिन जैसे ही उनसे जाति जनगणना के बारे में पूछा जाता है, वे कहते हैं कि भारत में कोई जाति नहीं है।”
गांधी ने कहा, अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो सशस्त्र बलों में अग्निपथ-अग्निवीर भर्ती योजना को भी खत्म कर देगी, जबकि मौजूदा पांच स्लैब को खत्म करके सिर्फ एक दर से जीएसटी को सरल बनाया जाएगा।
कांग्रेस नेता ने कर्नाटक से जद(एस) के लोकसभा उम्मीदवार प्रज्वल रेवन्ना के लिए वोट मांगने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की। रेवन्ना एक सेक्स स्कैंडल में आरोपी हैं।
गांधी ने “भटकती आत्मा” टिप्पणी के जरिये राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार का “अपमान” करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति का एक स्तर होना चाहिए। उन्हें देश के बारे में बात करनी चाहिए, उन्हें विकास के बारे में बात करनी चाहिए, उन्हें किसानों के बारे में बात करनी चाहिए लेकिन वह एक वरिष्ठ नेता का अपमान कर रहे हैं। क्या उन्हें लगता है कि लोग इससे खुश होंगे।”
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