केंद्रीय मंत्री शेखावत ने दिल्ली विधानसभा की विरासत को किया याद
आशीष अमित
- 24 Aug 2025, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा भवन उन महान आत्माओं की विरासत का गवाह रहा है जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान दिया।
‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस’ के एक सत्र में शेखावत ने कहा कि विधानसभा हॉल के अंदर बैठने से उन्हें एक ‘‘दिव्य अनुभव’’ हुआ, क्योंकि यह वह स्थान है जहां स्वतंत्रता आंदोलन के समय निर्वाचित प्रतिनिधियों ने वैश्विक चुनौतियों का सामना किया था।
शेखावत ने सम्मेलन के पहले दिन "स्वतंत्रता-पूर्व केंद्रीय विधानमंडलों के राष्ट्रवादी नेताओं की भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार" विषय पर बोलते हुए कहा, "इस सदन (दिल्ली विधानसभा) का हर पत्थर उन महान आत्माओं की विरासत को दर्शाता है जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान दिया।"
शेखावत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधारों में उनकी अद्वितीय भूमिका के लिए स्वतंत्रता-पूर्व केंद्रीय विधानमंडलों के राष्ट्रवादी नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शेखावत ने कहा कि यह हॉल उन नेताओं के साहस, बलिदान और नैतिक शक्ति का जीवंत गवाह है, जिन्होंने पूरे देश में स्वतंत्रता की लौ जलाने के लिए भारी चुनौतियों का सामना किया।
वैदिक काल से भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए, मंत्री ने सभा और समिति जैसी संस्थाओं, मौर्य और गुप्त काल के जन-केंद्रित शासन तथा रामायण, महाभारत एवं अशोक के शिलालेखों में परिलक्षित लोकतांत्रिक भावना के ऐतिहासिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2021 में संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को "लोकतंत्र की जननी" घोषित करने का भी उल्लेख किया।
वर्ष 1925 में विट्ठलभाई पटेल के ‘सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली’ के प्रथम भारतीय अध्यक्ष चुने जाने की शताब्दी के उपलक्ष्य में, शेखावत ने पटेल के अमूल्य योगदान पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र आयोजित करने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे पटेल और उनके समकालीन नेताओं ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने के लिए असेंबली को एक मंच के रूप में इस्तेमाल किया।
भाषा आशीष