नायडू ने काकीनाडा में कचरे से धन बनाने की पहल, नये अस्पताल और बिजली संयंत्र का वादा किया
अमित दिलीप
- 23 Aug 2025, 10:43 PM
- Updated: 10:43 PM
पेद्दापुरम (आंध्र प्रदेश), 23 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार 'कचरे से धन' बनाने पर काम कर रही है और घरेलू कचरे से पैसा बनाने का तरीका प्रदर्शित करने का वादा किया।
नायडू ने 'स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र' कार्यक्रम के तहत काकीनाडा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि घर पर ही कचरे को खाद में बदला जा सकता है, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और ई-कचरे को पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम कचरे को धन में बदलने के बारे में सोच रहे हैं। इसके कई तरीके हैं।" उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही लोगों के घरों में कचरा संग्रहण वाहन भेजे जाएंगे, जो बेकार पड़े प्लास्टिक और ई-कचरे को इकट्ठा करके उससे धन बनाएंगे।
नायडू ने पेद्दापुरम में 15 मेगावाट का अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का वादा किया, जो काकीनाडा जिले की सभी नगरपालिकाओं से कचरा एकत्र करके बिजली पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि 330 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 18 महीनों में पूरी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निवासियों को यह भी आश्वासन दिया कि पेद्दापुरम में 100 बिस्तरों वाला एक अस्पताल स्थापित किया जाएगा तथा पेद्दापुरम तथा समरलाकोटा में पेयजल सुविधाओं पर 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, नायडू ने नगरपालिका कर्मचारियों के लिए एक बीमा योजना की शुरुआत की, जिसमें नियमित कर्मचारियों के लिए एक करोड़ रुपये और ‘आउटसोर्स’ कर्मचारियों के लिए 20 लाख रुपये का कवरेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थायी विकलांगता के मामलों में भी इतनी ही राशि प्रदान की जाएगी, साथ ही उनके बच्चों के लिए 8 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता भी दी जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि मुफ्त बस यात्रा योजना 'स्त्री शक्ति' से एक करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई कह रहा है कि ‘सुपर सिक्स’ चुनावी वादा ‘सुपरहिट’ है।"
उन्होंने मुफ्त बस यात्रा, स्कूल जाने वाले पात्र बच्चों को 15,000 रुपये प्रति वर्ष और किसानों को 20,000 रुपये प्रति वर्ष देने जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य को 2047 तक स्वर्णिम आंध्र प्रदेश बनने का प्रयास करना चाहिए और देश का नेतृत्व करना चाहिए।
भाषा अमित