इंटरपोल रेड नोटिस का सामना कर रहे गैंगस्टर को अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया गया
प्रीति देवेंद्र
- 23 Aug 2025, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) झारखंड के अमन साहू गिरोह के सदस्य सुनील कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा झारखंड पुलिस और इंटरपोल के साथ एक समन्वित अभियान में अजरबैजान से शनिवार को प्रत्यर्पित किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कुमार को आमतौर पर उसके उपनाम मयंक सिंह के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि उसे झारखंड और कई अन्य राज्यों में अमन साहू के संगठित आपराधिक गिरोह का प्रमुख सदस्य माना जाता है।
उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस द्वारा वांछित और इंटरपोल रेड नोटिस का सामना कर रहे कुमार को शनिवार को राज्य पुलिस की एक टीम बाकू से मुंबई लेकर आई।
सीबीआई की एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सीबीआई की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) ने एनसीबी-बाकू के सहयोग से इंटरपोल रेड नोटिस का सामना कर रहे एवं वांछित कुमार को 23 अगस्त को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया। झारखंड पुलिस की तीन सदस्यीय टीम 19 अगस्त को कुमार को वापस लाने के लिए अजरबैजान के बाकू गई थी।’’
उन्होंने कहा कि कुमार का पता पहले अजरबैजान में लगाया गया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने इंटरपोल और एनसीबी-बाकू की मदद से करीबी निगरानी के जरिए उसका पता लगाया था।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘झारखंड पुलिस की टीम कुमार को 23 अगस्त को अजरबैजान से मुंबई के सीएसएमआई हवाई अड्डे लेकर पहुंची।
उन्होंने कहा कि कुमार मुख्य रूप से व्यापारियों, कोयला ट्रांसपोर्टर और रेलवे ठेकेदारों को निशाना बनाते हुए व्हाट्सएप पर उन्हें धमकी भरे संदेश भेजता था, जिससे उनसे पैसों की उगाही की जा सके।
प्रवक्ता ने कहा कि सुनील कुमार नामक व्यक्ति अमन साहू गिरोह का सदस्य है और मयंक सिंह नाम से फर्जीवाड़ा करता है।
एक बयान में कहा गया कि भारत के विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
पिछले साल 10 अक्टूबर को झारखंड पुलिस द्वारा इंटरपोल के माध्यम से एक रेड नोटिस जारी किया गया था।
रेड नोटिस सभी 196 सदस्य देशों को एक भगोड़े को हिरासत में लेने के लिए सचेत करता है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस वर्ष सात जनवरी को राजनयिक माध्यम से अजरबैजान के अधिकारियों को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया। इसके बाद, अज़रबैजान से व्यक्ति को वापस लाने के लिए झारखंड पुलिस की एक टीम गठित की गई थी।’’
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