महिलाएं वैज्ञानिक, सैनिक और अनेक भूमिकाओं में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं: राष्ट्रपति मुर्मू
नोमान नरेश
- 21 Aug 2025, 06:11 PM
- Updated: 06:11 PM
(फाइल तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) महिला-केंद्रित बदलाव के लिए भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट और अटल बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि महिलाएं वैज्ञानिक, सैनिक और कई अन्य भूमिकाओं में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि वे अब अवसर मिलने का इंतजार नहीं कर रही हैं और अपने दम पर आगे बढ़ रही हैं तथा दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व प्रदान कर रही हैं।
मुर्मू ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति का रूप माना जाता है और उन्हें सम्मान दिया जाता है और देश अब इस सोच के साथ आगे बढ़ रहा है कि महिलाओं को महती मान्यता दी जाए और उन्हें बड़ी ज़िम्मेदारियां भी सौंपी जाएं।
मुर्मू ने यहां ‘न्यूज 18’ नेटवर्क द्वारा आयोजित "शेषशक्ति" कार्यक्रम के लिए पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में कहा, "वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, सैनिक, कलाकार, उद्यमी, एथलीट, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, नीति निर्माता और कई अन्य भूमिकाओं में, महिलाएं लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।"
राष्ट्रपति ने कहा कि महिला-केन्द्रित परिवर्तन के लिए भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है और इसकी प्रतिबद्धता अडिग है।
आयोजकों द्वारा साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "वास्तव में, यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि एक क्रांति है।"
मुर्मू ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना से लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक, कई दूरदर्शी सुधारों ने हमारे देश में महिला सशक्तीकरण की यात्रा को आगे बढ़ाया है।
यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 2023 में शुरू की गई थी और इसमें स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों को 'लखपति दीदी' के रूप में मान्यता दी गई है, जिनकी कृषि, पशुपालन और छोटे उद्योगों से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय है।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिए 128वां संविधान संशोधन विधेयक 2023 में संसद ने पारित किया था। इसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिला नेतृत्व के ज़रिए विकास का विचार अब नीति और संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि शेषशक्ति कार्यक्रम के माध्यम से एक प्रभावी मंच उभर रहा है - जो न केवल उपलब्धियों का जश्न मनाता है, बल्कि बदलाव की भावना को नई ऊर्जा भी प्रदान करता है।"
भाषा
नोमान