शहरी संकट के हल के लिए ‘‘नमो नगर’’ शहरों की स्थापना की राज्यसभा में उठी मांग
अविनाश सुरेश
- 20 Aug 2025, 09:51 PM
- Updated: 09:51 PM
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के एक सदस्य ने शहरी संकट के समाधान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में “नमो नगर” नाम से आधुनिक शहरों की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय नीति बनाई जाए।
भाजपा सदस्य भीम सिंह ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मांग की और कहा, ‘‘आज देश में तीव्र गति से शहरीकरण हो रहा है। गांवों और छोटे कस्बों से लाखों लोग रोज़गार, शिक्षा और बेहतर जीवन की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़े शहरों पर जनसंख्या का अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे वहां की मूलभूत सुविधाओं जैसे जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, यातायात, स्वच्छता एवं आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।’’
उन्होंने कहा कि वर्तमान शहरों की मौजूदा व्यवस्था तेजी से बढ़ती जनसंख्या का भार वहन करने में असमर्थ होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है कि देश में नए नगरों की योजना और स्थापना की जाए।
भाजपा सदस्य ने कहा कि ये नगर इस प्रकार विकसित किए जाएं कि वहां सभी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इससे वर्तमान नगरों पर दबाव कम होगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में “नमो नगर” के नाम से आधुनिक, सुनियोजित और आत्मनिर्भर नए नगरों की स्थापना हेतु एक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए, ताकि शहरी संकट का समाधान निकाला जा सके।
विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा की कविता पाटीदार ने जंगली जानवरों द्वारा फसलों को बर्बाद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे वन्य पशुओं को संरक्षित अभयारण्य में भेजा जाना चाहिए या विशेषज्ञों की राय इस समस्या का निराकरण करना चाहिए, ताकि किसानों को इस समस्या से निजात मिल सके।
मनोनीत सदस्य गुलाम अली ने जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में लोगों में मादक पदार्थों की लत का मुद्दा उठाया और इस समस्या पर काबू के लिए जन आंदोलन चलाने की जरूरत पर बल दिया। वहीं भाजपा के नरेश बंसल ने शहरों में अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या का जिक्र किया और इसके लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की
भाजपा के ही महेंद्र भट्ट ने चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की।
इन सदस्यों ने विशेष उल्लेख के जरिए अपने मुद्दे उठाए।
भाषा अविनाश