संसद ने दी आईआईएम संशोधन विधेयक को मंजूरी, गुवाहाटी में बनेगा प्रबंधन संस्थान
माधव मनीषा अविनाश
- 20 Aug 2025, 03:30 PM
- Updated: 03:30 PM
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) संसद ने गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना के प्रावधान वाले एक विधेयक को बुधवार को मंजूरी दे दी और शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 550 करोड़ रुपये के आर्थिक अनुदान की व्यवस्था की है।
राज्यसभा ने आज भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा एवं शिक्षा मंत्री के जवाब के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे मंगलवार को ही पारित कर चुकी है।
उच्च सदन में विधेयक पर चर्चा एवं पारित किए जाने के दौरान कई विपक्षी दलों के सदस्य अनुपस्थित थे। विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में सदन से वाकऑउट किया।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधान ने कहा, ‘‘देश में अभी 21 आईआईएम संचालित हो रहे हैं। गुवाहाटी आईआईएम के लिए भारत सरकार ने 550 करोड़ रुपये के आर्थिक अनुदान की व्यवस्था की है। वहीं, असम सरकार ने सभी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है।’’
मंत्री ने कहा कि विधेयक के अधिनियम का रूप लेने से पूर्वोत्तर में शिलांग के बाद दूसरा आईआईएम स्थापित हो सकेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आईआईएम हमारे देश का विश्व में एक बड़ा ब्रांड बन गया है। आईआईएम की प्रतिष्ठा इतनी ज्यादा है कि विदेश में भी इसे खोले जाने की मांग हो रही है।’’
मंत्री ने कहा कि यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) सरकार आईआईएम, अहमदाबाद का अपने ही खर्च से एक परिसर खोल रही है और अगले महीने इसका दुबई कैंपस खुलने वाला है।
प्रधान ने कहा कि भारत ने विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पाने के लिए अच्छे शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज जरूरत है कि युवा रोजगार के पीछे भागने की बजाय अन्य लोगों को नौकरी देने वाले बनें।
प्रधान के जवाब के बाद, विधेयक को सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि भारत सरकार, असम सरकार और उल्फा (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम) के प्रतिनिधियों ने असम के सर्वांगीण विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अन्य परियोजनाओं के साथ गुवाहाटी में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में एक आईआईएम की स्थापना की जानी है।
इसमें कहा गया है कि वर्तमान विधेयक भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम, 2017 का संशोधन करने के लिए लाया गया है।
इसके अनुसार, भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी को संस्थानों की सूची में सम्मिलित करने के लिए अधिनियम की अनुसूची में संशोधन के माध्यम से एक नया संस्थान अर्थात भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी बनाया जाएगा।
भाषा
माधव मनीषा