नगालैंड : बाहरी उम्मीदवार को मेडिकल सीट स्वीकृत करने के खिलाफ एनएसएफ का प्रदर्शन
यासिर धीरज
- 19 Aug 2025, 09:09 PM
- Updated: 09:09 PM
कोहिमा, 19 अगस्त (भाषा) नगा स्टुडेंट्स फेडरशन (एनएसएफ) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2025 में नगालैंड कोटे के तहत आवंटित राज्य मेडिकल सीट के लिए वत्सला फंगल की उम्मीदवारी के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया।
एनएसएफ के अध्यक्ष मेदोवी री ने यहां आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के मूल निवासियों के लिए आरक्षित सीट पर राज्य के बाहर के उम्मीदवार द्वारा आवेदन किए जाने से संगठन बहुत हताश है।
उन्होंने कहा कि राज्य को एमबीबीएस के लिए आवंटित 42 सीट ‘नगालैंड की हैं’ तथा नगाओं के अधिकारों और भविष्य को बाहरी लोगों द्वारा नहीं छीना जाना चाहिए।
मेदोवी री ने स्पष्ट किया कि एनएसएफ किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बना रहा है बल्कि नगा छात्रों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है।
वत्सला ने हाल ही में आयोजित नीट परीक्षा में 455 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) 1,13,803 है और श्रेणी-3 के अंतर्गत राज्य में पहली रैंक है।
एनएसएफ ने कहा, ‘‘हालांकि, उम्मीदवार ने अपने पिता की वर्तमान तैनाती (नौकरी) के कारण कोहिमा का पता दिया है, लेकिन यह स्थापित तथ्य है कि वह हरियाणा की हैं। वह नगालैंड की मूल निवासी नहीं है और राज्य की किसी भी मान्यता प्राप्त जनजाति से संबंधित नहीं है।’’
मेदोवी री ने इस बात पर निराशा व्यक्त की है कि एक सैन्य अधिकारी अपनी बेटी की उम्मीदवारी के लिए लड़ रहे है।
एनएसएफ अध्यक्ष ने विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए छात्रों और ऑल नगालैंड कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन (एएनसीएसयू) के सदस्यों का आभार जताया।
उन्होंने घोषणा की कि एनएसएफ बाहरी व्यक्ति की उम्मीदवारी का विरोध जारी रखेगा और तकनीकी शिक्षा विभाग से प्रवेश फार्म लेने से रोकेगा।
यह विरोध प्रदर्शन वर्तमान में की जा रही न्यायिक कार्यवाही की पृष्ठभूमि में किया गया है।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय की कोहिमा पीठ ने 28 जुलाई को एक अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें वत्सला को नीट यूजी 2025 नगालैंड राज्य कोटा के लिए काउंसलिंग में अनंतिम रूप से भाग लेने की अनुमति दी गई। साथ ही अधिकारियों को याचिका के अंतिम निपटारे तक मेडिकल में एक सीट रिक्त रखने का निर्देश दिया गया।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने पहले वत्सला के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह अनुसूचित जनजाति की उम्मीदवार नहीं हैं और किसी भी स्थानीय नागा समुदाय से संबंधित नहीं हैं।
वत्सला के परिवार ने अदालत में तकनीकी शिक्षा विभाग के फैसले को चुनौती देते हुए दलील दी कि उन्होंने नगालैंड में पढ़ाई की है, राज्य से ही परीक्षा में बैठी थीं और उन्हें योग्य माना जाना चाहिए।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ ने मंगलवार को कोहिमा पीठ के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी और अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की।
भाषा यासिर