प्रवर्तक घर खरीदारों को क्यूआर कोड के साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र देंः यूपी रेरा
प्रेम प्रेम रमण
- 13 Mar 2024, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
नोएडा, 13 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने बुधवार को राज्य में आवासीय परियोजनाओं के प्रवर्तकों को मौजूदा और संभावित खरीदारों को क्यूआर कोड के साथ परियोजना पंजीकरण प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया।
यूपी रेरा ने एक बयान में कहा कि उसने हाल ही में परियोजनाओं के पंजीकरण से संबंधित प्रमाणपत्र को नए सिरे से डिजाइन किया है। प्रमाणपत्र पर प्राधिकरण के सचिव का डिजिटल हस्ताक्षर अंकित है और उसे एक क्यूआर कोड से भी लैस किया गया है।
बयान के मुताबिक, "पंजीकरण प्रमाणपत्र में परियोजना का प्रासंगिक विवरण शामिल है। इसमें परियोजना का नाम, प्रवर्तक का नाम, महीने और वर्ष के विवरण के साथ पंजीकरण संख्या, इसकी अवधि, शुरुआत और समापन तिथि, परियोजना और प्रवर्तक का पता शामिल है।"
इसके साथ क्यूआर कोड को पंजीकरण की महत्वपूर्ण शर्तों से भी जोड़ा गया है। इन शर्तों में प्रवर्तक को आवंटियों से प्राप्त राशि का 70 प्रतिशत और परियोजना वित्त के जरिये जुटाए गए सभी धन को एक अलग बैंक खाते में जमा करने की बाध्यता भी शामिल है। इस खाते का इस्तेमाल निर्माण की लागत और परियोजना भूमि की लागत को पूरा करने में ही किया जाएगा।
यूपी रेरा ने आवासीय परियोजनाओं के प्रवर्तकों को क्यूआर कोड से लैस परियोजना पंजीकरण प्रमाण पत्र को मुद्रित करने और उसे अपने कार्यालय एवं परियोजना स्थल विपणन कार्यालय में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है ताकि संभावित और मौजूदा घर खरीदारों को यह दूर से ही दिखाई दे सके।
नियामकीय प्राधिकरण ने कहा कि घर खरीदार अपने मोबाइल फोन से प्रमाणपत्र के क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं और प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर परियोजना का विवरण देख सकते हैं।
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय आर भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही, पारदर्शिता और मानकीकरण का युग शुरू करना है। इसके अलावा आवंटियों को सभी पहलुओं से अवगत रखकर उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है।
भूसरेड्डी ने कहा, "हमने प्रवर्तकों को वेबसाइट, प्रचार विज्ञापनों, ब्रोशर, होर्डिंग और सोशल मीडिया पर परियोजना पंजीकरण का क्यूआर कोड इस्तेमाल करने की सलाह दी है।"
भाषा प्रेम प्रेम