उच्च न्यायालय ने केंद्र से पूछा, क्या ‘एक्स कॉर्प’ को ‘सहयोग’ पोर्टल का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए
राजकुमार संतोष
- 16 Aug 2025, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से इस सवाल का जवाब मांगा है कि क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स कॉर्प’ को मानव तस्करी, बाल तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों में ‘सहयोग’ पोर्टल का अनिवार्य रूप से हिस्सा होना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने केंद्र से 10 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने खासकर इस मुद्दे तथा ‘एक्स कॉर्प’ की याचिका पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
‘एक्स कॉर्प’ (पहले यह ट्विटर नाम से जाना जाता था) ने याचिका दायर कर एक मामले की कार्यवाही से मुक्त करने का अनुरोध किया है और सहयोग पोर्टल पर आने को लेकर अपना विरोध जताया है। सहयोग पोर्टल का प्रबंधन गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आईसी4) करता है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने कहा, ‘‘भारत संघ वर्तमान आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करे, जिसमें विशिष्ट मुद्दे पर विचार किया जाए, अर्थात क्या मानव तस्करी, बाल तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों में आवेदक ‘एक्स कॉर्प’ को अनिवार्य रूप से सहयोग पोर्टल का हिस्सा होना चाहिए। 10 सितंबर, 2025 तक जवाब दाखिल किया जाए।’’
उच्च न्यायालय ने 12 अगस्त के अपने आदेश में, ‘एक्स कॉर्प’ द्वारा सहयोग पोर्टल की पूरी अवधारणा को दी गयी चुनौती पर गौर किया और कहा कि पोर्टल में उसके शामिल होने का मामला कर्नाटक उच्च न्यायालय में लंबित है। हालांकि, फैसला सुरक्षित रखा गया है।
सरकार का कहना है कि ‘सहयोग’ पोर्टल को आईटी अधिनियम के तहत उपयुक्त सरकार या उसकी एजेंसी द्वारा मध्यस्थों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया को स्वचालित करने के लिए विकसित किया गया था, ताकि किसी भी गैरकानूनी कार्य को करने के लिए इस्तेमाल की जा रही किसी भी सूचना, डेटा या संचार लिंक को हटाने या उस तक पहुंच को अक्षम करने की सुविधा हो।
पोर्टल का उद्देश्य सभी अधिकृत एजेंसियों और मध्यस्थों को एक मंच पर लाना है ताकि गैरकानूनी ऑनलाइन सूचनाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उच्च न्यायालय एक महिला की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने अधिकारियों को अपने 19 वर्षीय बेटे को पेश करने का निर्देश देने की मांग की थी । महिला का बेटा 10 जनवरी, 2024 से लापता है।
भाषा राजकुमार