राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक पारित होने से महत्वपूर्ण सुधार हासिल: मांडविया
सुधीर आनन्द
- 12 Aug 2025, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के पारित होने से भारत के खेल परिदृश्य में बदलाव आएगा और निर्णय प्रक्रिया खिलाड़ी केंद्रित होगी।
लोकसभा से मंजूरी मिलने के एक दिन बाद राज्यसभा में विधेयक पारित होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मांडविया ने कहा कि सरकार अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने के लिए पदक रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मांडविया ने कहा, ‘‘इस सुधार से देश का खेल क्षेत्र बदलेगा। दुनिया के 20 देशों के पास खेल कानून हैं और भारत अब उनके बराबर होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हम अपनी पदक तालिका रणनीति तैयार करेंगे जिसके आधार पर अगले 10 वर्षों में हम विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान पर होंगे।’’
एक अरब से अधिक की आबादी वाले देश भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक प्रदर्शन 2021 तोक्यो खेलों में हासिल किए गए सात पदक हैं जिसमें भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।
निचले सदन में तेजी से पारित होने के बाद खेल विधेयक पर राज्यसभा में दो घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई।
खेल विधेयक की तीन महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं। राष्ट्रीय खेल बोर्ड, जिसके पास राष्ट्रीय खेल महासंघों को मान्यता देने और उनकी मान्यता रद्द करने का अधिकार होगा। विवादों के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय खेल पंचाट और महासंघों के चुनावों की निगरानी के लिए राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) होगा।
इसके अलावा इसमें महासंघों में महिलाओं और खिलाड़ियों के अनिवार्य प्रतिनिधित्व का प्रावधान भी है।
मांडविया ने कहा, ‘‘खेल क्षेत्र में सुशासन लाने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक पहले लोकसभा में और आज राज्यसभा में पारित किया गया। खेल प्रशासन विधेयक के माध्यम से देश में खिलाड़ी केंद्रित माहौल होगा, महासंघों में पारदर्शिता आएगी और विवादों के समाधान में तेजी आएगी।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसके साथ ही महिलाओं और पैरा खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व मिलेगा।’’
भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का लक्ष्य भी बनाया है और मांडविया ने दोहराया कि यह विधेयक देश की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भाषा सुधीर आनन्द